भोपाल: नाथूबरखेड़ा में बन रहा 140 एकड़ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, टॉप-10 सिटी की राह

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भोपाल: नाथूबरखेड़ा में बन रहा 140 एकड़ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, टॉप-10 सिटी की राह

भोपाल: टॉप-10 स्पोर्ट्स सिटी की राह पर नाथूबरखेड़ा कॉम्प्लेक्स

भोपाल अब देश की टॉप-10 स्पोर्ट्स सिटीज में शामिल होने से कुछ कदम दूर है। नाथूबरखेड़ा में 140 एकड़ का इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन रहा है। इसके लिए कुल 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं।

क्या सुविधाएं होंगी

इस कॉम्प्लेक्स में एथलेटिक्स, हॉकी, क्रिकेट, फुटबॉल, तैराकी, जिम्नास्टिक्स और इंडोर खेलों के लिए अलग-अलग स्टेडियम और प्रशिक्षण सुविधाएं एक ही परिसर में होंगी। कई निर्माण चल रहे हैं, जबकि कुछ अभी बाकी हैं। मध्य प्रदेश में अभी ऐसा कोई स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स नहीं है, जहां इतनी खेल सुविधाएं एक साथ हों।

पहला अंतरराष्ट्रीय आयोजन

नाथूबरखेड़ा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को पहला अंतरराष्ट्रीय आयोजन मिल चुका है। अक्टूबर-नवंबर में यहां महिला एशियन हॉकी चैंपियनशिप होगी। इसमें भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया और थाईलैंड की टीमें हिस्सा लेंगी।

आगे का रोडमैप

खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि संबंधित खेल महासंघों के मानकों के अनुरूप राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए दावेदारी की जाएगी। पहला कदम महिला एशियन हॉकी चैंपियनशिप से शुरू हो चुका है।

स्पोर्ट्स इकोसिस्टम

प्रशिक्षण, खिलाड़ियों के हॉस्टल, स्पोर्ट्स साइंस, स्पोर्ट्स मेडिसिन और रिकवरी सेंटर को एक ही परिसर में विकसित किया जा रहा है, ताकि राष्ट्रीय शिविर भी भोपाल आ सकें।

मौजूदा खेल केंद्रों से जोड़ने का अवसर

भोपाल में पहले से बिशनखेड़ी में शूटिंग अकादमी, बड़े तालाब पर वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी, टीटी नगर स्टेडियम, साई एथलेटिक्स सेंटर और ऐशबाग स्टेडियम जैसे स्थापित खेल केंद्र हैं। इन्हें नाथूबरखेड़ा कॉम्प्लेक्स से जोड़कर एकीकृत खेल नेटवर्क विकसित किया जा सकता है।

चुनौती और फायदा

परियोजना की सफलता के लिए राष्ट्रीय शिविर, लीग और प्रतियोगिताओं का नियमित कैलेंडर तैयार करना होगा, ताकि स्टेडियम खाली न रहें। बड़े खेल आयोजनों से खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और होटल, पर्यटन, परिवहन, व्यापार व रोजगार को गति मिलेगी। अहमदाबाद और भुवनेश्वर इसके उदाहरण हैं।

निर्माण के चरण

यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स 140 एकड़ में तीन चरणों में बन रहा है। पहले चरण में 350 करोड़ रुपये और दूसरे में 450 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अब तक कुल 800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए जा चुके हैं।

Satyam Tripathi