भोपाल निगम एमआईसी में 26 मुद्दों पर मंथन, हाईराइज प्रोजेक्ट और बड़ा तालाब पट्टा अटके

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भोपाल निगम एमआईसी में 26 मुद्दों पर मंथन, हाईराइज प्रोजेक्ट और बड़ा तालाब पट्टा अटके

भोपाल नगर निगम एमआईसी बैठक में 26 मुद्दों पर चर्चा, तीन प्रस्ताव अटके

भोपाल नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) की बैठक सोमवार को महापौर मालती राय और निगम आयुक्त संस्कृति जैन की मौजूदगी में आयोजित की गई। बैठक में कुल 26 एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की गई। निगम परिषद की अगली बैठक नए साल में बुलाने पर भी विचार किया गया।

मानस भवन झुग्गी परिवारों के विस्थापन पर निर्णय

बैठक में मानस भवन के पास स्थित झुग्गियों के 27 परिवारों के विस्थापन का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया। इन परिवारों को मालीखेड़ी क्षेत्र में बसाने को लेकर चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि ईडब्ल्यूएस स्लम श्रेणी के आवास इन 27 परिवारों के लिए आरक्षित किए जाएंगे।

इन परिवारों ने वर्तमान स्थान से हटने पर आपत्ति जताई है, जबकि कांग्रेस भी उनके समर्थन में सक्रिय हो चुकी है। इसके समानांतर जिला प्रशासन झुग्गियों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है, जिस पर जारी विवाद के बीच एमआईसी ने विस्थापन के लिए आवास आरक्षण को मंजूरी दी।

तीन प्रस्तावों पर सहमति नहीं, हाईराइज प्रोजेक्ट और मत्स्याखेती रुकी

बैठक में तीन महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति नहीं बन पाई। इनमें भवन निर्माण से जुड़े प्रस्ताव और बड़ा तालाब को मत्स्याखेट (मछली पालन) के लिए पट्टे पर देने का प्रस्ताव शामिल था।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्लॉट नंबर 47 और 49 पर आवासीय सह व्यवसायिक हाईराइज भवन प्रोजेक्ट के लिए प्राप्त निविदा पर चर्चा जरूर हुई, लेकिन इसे मंजूरी नहीं दी गई। इसी तरह राजेंद्र नगर आवासीय परियोजना से संबंधित स्वीकृति प्रस्ताव पर भी हामी नहीं भरी गई।

बड़ा तालाब पर मत्स्याखेती के लिए पट्टा देने के प्रस्ताव को भी एमआईसी ने स्वीकृति नहीं दी। इस तरह भवन निर्माण से जुड़े दो प्रोजेक्ट और बड़ा तालाब पर मछली पालन का प्रस्ताव लंबित रह गए।

एमआईसी में अन्य प्रस्तावों को मंजूरी

बैठक में शेष प्रस्तावों पर विचार के बाद कई मुद्दों को मंजूरी प्रदान की गई। हालांकि विस्तृत सूची का उल्लेख उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट किया गया कि 26 में से केवल तीन प्रस्तावों पर सहमति नहीं बनी, जबकि बाकी विषयों पर एमआईसी ने स्वीकृति दे दी। बैठक के निष्कर्ष के साथ यह संकेत दिया गया कि अब आगे की औपचारिकता निगम परिषद की अगली बैठक में पूरी की जाएगी, जो नए वर्ष में आयोजित की जाएगी।

Janmejay Chaturvedi