बिहार चुनाव 2025 में महागठबंधन और एनडीए के बीच त्रिकोणीय जंग

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बिहार चुनाव 2025  में महागठबंधन और एनडीए के बीच त्रिकोणीय जंग

बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन और एनडीए के बीच त्रिकोणीय जंग

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का सियासी माहौल गरम हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिथिलांचल से अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की, जो बिहार की पहचान, संस्कृति और राजनीतिक चेतना का केंद्र माना जाता है। उन्होंने अपने संबोधन में विकास, आस्था और विरासत को जोड़ते हुए एनडीए का विजन सेवा और स्थिरता पर आधारित बताया।

महागठबंधन की रणनीति

विपक्षी महागठबंधन भी अपनी रणनीतियों में जुटा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव 29 अक्टूबर को साझा रैली करेंगे। यह रैली मुजफ्फरपुर और दरभंगा में आयोजित होगी। साथ ही, कांग्रेस ने छठ के बाद प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे का ऐलान कर दिया है।

छपरा और अन्य सीटों पर जंग

छपरा विधानसभा सीट पर भोजपुरी सुपरस्टार और आरजेडी प्रत्याशी खेसारी लाल यादव की लोकप्रियता चर्चा में है। हालांकि, उनकी असली चुनौती जातीय समीकरण और परंपरागत वोट बैंक से है। वहीं, मैथिली ठाकुर को अमेरिकी गायिका मेरी मिलबेन ने समर्थन दिया, जिससे अलीनगर सीट पर भाजपा प्रत्याशी को मजबूती मिलने की संभावना है।

नीतीश कुमार और एनडीए का दावा

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शासन की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार अराजकता और अपराध का केंद्र था। उन्होंने दावा किया कि एनडीए ने बिहार को तरक्की की राह पर ले जाने का काम किया है।

प्रशांत किशोर का बयान

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दावा किया कि चुनाव में असली मुकाबला एनडीए और जन सुराज के बीच है, जबकि महागठबंधन तीसरे नंबर पर है। उन्होंने तेजस्वी यादव के वादों को महज बयानबाजी बताया।

बिहार चुनाव की सियासत अब भावनाओं, पहचान और भरोसे की त्रिकोणीय जंग में बदल चुकी है। चुनावी दंगल के सभी अपडेट्स के लिए बने रहें।

Sachin Saxena