बिहार चुनाव में सीट शेयरिंग पर विवाद, कुशवाहा ने जताई नाराजगी
बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सियासी दलों में हलचल तेज हो गई है। एनडीए और महागठबंधन के बीच सीट शेयरिंग को लेकर रस्साकशी जारी है। एनडीए में जेडीयू और लोजपा (रामविलास) के बीच कुछ सीटों पर अभी तक सहमति नहीं बन सकी है। इसी बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने महुआ सीट को लेकर नाराजगी जाहिर की है।
कुशवाहा की नाराजगी
महुआ विधानसभा सीट को लेकर उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। खबरों के मुताबिक, पहले यह सीट आरएलएम को देने की बात हुई थी। लेकिन अब चर्चा है कि महुआ सीट लोजपा (रामविलास) के खाते में जा सकती है। कुशवाहा इस सीट से अपने बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा को मैदान में उतारने की योजना बना रहे थे। हालांकि, अब वे किसी भी स्थिति में यह सीट छोड़ने के मूड में नहीं हैं।
समझौते की कोशिश
कुशवाहा को मनाने के लिए मंगलवार देर रात उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय उनके पटना स्थित आवास पर पहुंचे। रातभर बातचीत के बावजूद कुशवाहा अपनी नाराजगी पर अड़े रहे। इसके बाद बुधवार सुबह दोनों नेता वहां से लौट गए। कुशवाहा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं है।"
दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात
इस स्थिति को संभालने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित शाह ने कुशवाहा को फोन कर दिल्ली बुलाया। कुशवाहा नित्यानंद राय के साथ दिल्ली रवाना हो गए हैं। इसके चलते आरएलएम की पटना में प्रस्तावित बैठक को स्थगित कर दिया गया है।
महागठबंधन की तैयारियां
दूसरी तरफ, महागठबंधन में भी हलचल तेज है। राजद, कांग्रेस और वीआईपी पार्टी अपनी-अपनी प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी करने की तैयारी में हैं। कांग्रेस ने 50 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दे दिया है और 60 से अधिक सीटों की मांग कर रही है। राजद लगातार अपने प्रत्याशियों को सिंबल बांट रही है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने मंगलवार देर रात राबड़ी आवास पर प्रत्याशियों को सिंबल बांटे, जिसमें शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दिया गया।
एनडीए में भी जारी है हलचल
एनडीए में भी उम्मीदवारों की सूची जारी हो रही है। बीजेपी ने मंगलवार को 71 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। इस बार 10 विधायकों का टिकट कटा है, जिसमें कुछ पांच बार से विधायक रहे नेता भी शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, जो पटना सिटी सीट से पांच बार जीत चुके हैं, उन्हें भी टिकट नहीं दिया गया। बीजेपी की पहली लिस्ट में 13 मंत्री और 46 विधायक ऐसे हैं, जिन्हें दोबारा मौका मिला है।
आगे की रणनीति
एनडीए और महागठबंधन दोनों ही गुट अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। जहां एक ओर कुशवाहा की नाराजगी एनडीए के लिए चुनौती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर महागठबंधन सीटों का बंटवारा और प्रत्याशियों की घोषणा कर रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों गुटों की अंततः क्या रणनीति बनती है और किस तरह से चुनावी मैदान में उतरते हैं।