बिहार में गृह मंत्रालय बीजेपी के पास, सम्राट चौधरी संभालेंगे जिम्मेदारी
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। 20 साल तक गृह मंत्रालय नीतीश कुमार के पास था, लेकिन अब यह पहली बार बीजेपी को सौंपा गया है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है।
नीतीश की शक्ति कमजोर, बीजेपी का बढ़ता दबदबा
गृह मंत्रालय के बदलाव से सत्ता का पावर सेंटर एक अणे मार्ग से 5 देशरत्न मार्ग शिफ्ट हो गया है। इसके तहत लॉ एंड ऑर्डर, पुलिस सिस्टम और खुफिया रिपोर्ट पर कार्रवाई की जिम्मेदारी अब सम्राट चौधरी के पास होगी। नीतीश के पास सिर्फ प्रशासनिक चेहरा रह गया है, जबकि बीजेपी परफॉर्मेंस के केंद्र में आ गई है।
सम्राट चौधरी का 'UP मॉडल' की ओर रुख
सम्राट चौधरी ने संकेत दिए हैं कि वे उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कानून-व्यवस्था का मॉडल अपनाना चाहेंगे। इसमें गुंडा एक्ट, बुलडोजर कल्चर, माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में यूपी स्टाइल का मॉडल लागू करना आसान नहीं होगा।
भविष्य की राजनीति पर असर
बीजेपी ने गृह मंत्रालय सम्राट चौधरी को देकर उन्हें भविष्य का बड़ा चेहरा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में मुकाबला तेजस्वी यादव बनाम सम्राट चौधरी की ओर बढ़ सकता है। इस बदलाव से बीजेपी 2029 के चुनावों की रणनीति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
नीतीश मंत्रिमंडल में अन्य बदलाव
नीतीश कुमार ने वित्त मंत्रालय जेडीयू के बिजेंद्र यादव को सौंपा है। मंगल पांडे को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी फिर से दी गई है। नेशनल शूटर श्रेयसी सिंह को खेल मंत्रालय दिया गया है।
Sachin Saxena