बिहार में BJP-JDU के विभागों का नया समीकरण
बिहार में नई सरकार के गठन के छह दिन बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। इस बार का बंटवारा सत्ता संतुलन में बदलाव को दर्शाता है। सबसे बड़ा बदलाव गृह विभाग को लेकर हुआ है। 20 साल में पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग अपने सहयोगियों के लिए छोड़ दिया है। अब डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गृह विभाग मंत्री होंगे।
BJP और JDU के बीच विभागों का संतुलन
इस बार विभागों के बंटवारे में BJP और JDU को बराबर-बराबर 20 विभाग मिले हैं। BJP के पास स्वास्थ्य, पंचायती राज और गृह जैसे बड़े विभाग हैं, जबकि JDU के पास शिक्षा, ग्रामीण विकास और उर्जा जैसे विभाग हैं। पैसे के आधार पर सबसे बड़े बजट वाले विभाग शिक्षा, ग्रामीण कार्य और ग्रामीण विकास JDU के पास हैं।
सहयोगी दलों को भी मिला हिस्सा
BJP ने अपने कोटे से तीन विभाग सहयोगी दलों को दिए हैं। चिराग पासवान की LJP(R) को गन्ना उद्योग और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग मिला है, जबकि उपेंद्र कुशवाहा की RLM को पंचायती राज विभाग दिया गया है। HAM पार्टी को लघु जल संसाधन विभाग मिला है।
नीतीश कुमार का प्रशासनिक नियंत्रण
नीतीश कुमार ने सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी और निर्वाचन विभाग अपने पास रखा है। योजना और संसदीय कार्य जैसे विभाग भी जदयू के पास हैं।
बजट वितरण का गणित
बजट के लिहाज से JDU के पास 1,38,919.16 करोड़ रुपये का कुल बजट है, जबकि BJP के पास 81,518.69 करोड़ रुपये का बजट है। सहयोगी दलों LJP(R), RLM और HAM के पास क्रमशः 2894.36 करोड़, 11302.57 करोड़ और 1839 करोड़ के बजट वाले विभाग हैं।
नौकरी और रोजगार में साझा जिम्मेदारी
नीतीश सरकार ने बिहार में एक करोड़ नौकरी देने का वादा किया है। सरकारी नौकरी के लिए मुख्य विभाग शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह, ग्रामीण विकास और शहरी विकास हैं। इन विभागों में BJP और JDU की बराबर हिस्सेदारी होगी।
Arvind Vishwakarma