बिहार में सियासी हलचल : नीतीश जा सकते राज्यसभा , बेटे निशांत की JDU में एंट्री

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बिहार  में  सियासी हलचल :  नीतीश  जा सकते  राज्यसभा ,  बेटे निशांत  की  JDU  में  एंट्री

बिहार में राजनीतिक उथल-पुथल: नीतीश के राज्यसभा जाने की अटकलें, बेटे निशांत की JDU में एंट्री

बिहार की राजनीति में इन दिनों जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और उनके बेटे निशांत कुमार के जनता दल यूनाइटेड (JDU) में प्रवेश की अटकलें तेज हो गई हैं, जिसके बाद राज्य में सियासी पारा चढ़ा हुआ है।

राबड़ी देवी का बयान

दिल्ली में रूटीन चेकअप के बाद पटना लौटीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जबरदस्ती हटाया जा रहा है और उनकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई है। राबड़ी देवी ने नीतीश कुमार को बिहार छोड़कर नहीं जाने की सलाह देते हुए कहा कि उन्हें यहीं रहकर काम करना चाहिए।

नीतीश कुमार की राजभवन यात्रा और महत्वपूर्ण मुलाकातें

इन सियासी अटकलों के बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से लगभग 10 मिनट तक मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, यह एक विदाई प्रोटोकॉल के तहत की गई मुलाकात थी। इसके अलावा, उपेंद्र कुशवाहा और संजय झा ने भी मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार से भेंट की।

निशांत कुमार की राजनीतिक पारी का आगाज

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक सक्रियता बढ़ गई है। शुक्रवार को उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर परिवहन मंत्री श्रवण कुमार सहित लगभग 24 विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की। बैठक के बाद संजय झा ने घोषणा की कि निशांत कुमार 8 मार्च को जदयू में शामिल होंगे।

शराबबंदी पर अडिग नीतीश सरकार

बिहारशरीफ में मंत्री श्रवण कुमार ने शराबबंदी को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं, बिहार में शराबबंदी की नीति बनी रहेगी और इसे हटाया नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री का इस्तीफा और नई सरकार पर चर्चा

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 10 से 14 मार्च के बीच इस्तीफा दे सकते हैं। उनके राज्यसभा में नामांकन भरने के बाद भाजपा और जदयू के बीच नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चर्चा जारी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर जदयू विधायकों और मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें कई विधायकों ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले का विरोध किया। इस पर मुख्यमंत्री भावुक हो गए और विधायकों से कहा कि विरोध न करें, वे राज्यसभा जा रहे हैं और वहीं से सब देखते रहेंगे। बैठक में मौजूद विधायक विनय चौधरी ने बताया कि नीतीश को देखकर कई विधायक रो पड़े और उन्होंने मुख्यमंत्री से फैसला वापस लेने का अनुरोध किया। हालांकि, नीतीश अपने फैसले पर अड़े रहे। इस दौरान निशांत को राजनीति में लाने के फैसले पर सभी विधायकों ने हाथ उठाकर सहमति जताई।

ललन सिंह का अहम बयान

जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि नीतीश कुमार की इच्छा के खिलाफ कोई कुछ नहीं कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह भी नीतीश कुमार ही तय करेंगे।

नई सरकार का प्रस्तावित स्वरूप

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की संभावना के साथ ही बिहार में नई सरकार के गठन का फॉर्मूला भी तैयार होने लगा है। सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में कुल 36 मंत्री हो सकते हैं, जिसका फॉर्मूला 17 (भाजपा) + 15 (जदयू) + 2 (लोजपा-आर) + 1 (हम) + 1 (रालोमो) रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष का पद भाजपा के पास जबकि विधान परिषद का सभापति जदयू से होगा।

बिहार की सियासत में हो रहे इन बड़े उलटफेरों और निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री से जुड़े अपडेट्स पर लगातार नजर रखी जा रही है।

Bhavanesh Soni