शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- 'किसी की औकात नहीं जो मुझे शंकराचार्य न माने', 'गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध' यात्रा शुरू
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार को जौनपुर में अपनी पदवी पर सवाल उठाने वालों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि सर्वोच्च शंकराचार्यों द्वारा अभिषेक किए जाने के बाद किसी की औकात नहीं कि उन्हें शंकराचार्य न माने। इसी के साथ उन्होंने काशी से 'गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध सभा' नामक लखनऊ यात्रा का भी शुभारंभ किया, जिसका मुख्य उद्देश्य गाय को राष्ट्रमाता घोषित करने और गो-हत्या पर प्रतिबंध लगाने की मांग करना है। वे 11 मार्च को लखनऊ में हजारों संतों के साथ एक सभा करेंगे।
सरकार पर तीखा हमला और गो-रक्षा की मांग
अपनी यात्रा के दौरान, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार और नेताओं पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने ही देश में अपनी ही चुनी हुई सरकार के सामने गोमाता को बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर गो-हत्यारों से चंदा लेकर अपनी राजनीति चमकाने का आरोप लगाया। शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक संन्यासी को सांसारिक पद पर नहीं होना चाहिए और राजा योगी हो सकता है, पर योगी राजा नहीं। उन्होंने सभी नेताओं, संतों और संन्यासियों से गो-माता के पक्ष में खड़े होने का आह्वान किया।
यात्रा का मार्ग और जन-सहयोग
'जिंदा हिंदू लखनऊ चलें' लिखे पोस्टरों के साथ शुरू हुई इस यात्रा में 20 से अधिक गाड़ियां और 500 से अधिक श्रद्धालु शामिल हैं। शंकराचार्य ने काशी में गौशाला में गाय की पूजा-अर्चना की और चिंतामणि गणेश मंदिर व संकट मोचन मंदिर में प्रार्थना की। यह यात्रा जौनपुर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और अमेठी होते हुए लखनऊ पहुंचेगी, जहां उनका जगह-जगह संतों और श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत किया गया।
कानूनी विवाद और भविष्य की योजनाएं
शंकराचार्य ने अपने ऊपर दर्ज पॉक्सो मामले में पुलिस और प्रशासन पर साजिश का आरोप लगाया और कहा कि मामला कोर्ट में चल रहा है। उन्होंने प्रयागराज की घटना के लिए भी पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। 'हिंदू राष्ट्र' की मांग पर उन्होंने कहा कि प्रतीकों की राजनीति से अधिक गो-माता का सम्मान और गो-हत्या पर प्रतिबंध जरूरी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग जो संत उनके अनुसार बोलेगा, उसे ही संत मानते हैं। लखनऊ के बाद उनकी दिल्ली जाने की भी योजना है, जहाँ वे गो-हत्या पर प्रतिबंध के लिए अपना अभियान जारी रखेंगे।
Janmejay Chaturvedi