बिहार महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर विवाद, कांग्रेस और राजद में मंथन
बिहार में आगामी चुनावों को लेकर महागठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन पा रही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और राजद के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले को सुलझाने के लिए राहुल गांधी से फोन पर बातचीत की। हालांकि, अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला, तो तेजस्वी दिल्ली जाकर राहुल गांधी से मुलाकात कर सकते हैं।
राबड़ी आवास पर राजद की इमरजेंसी बैठक
इसी मुद्दे को लेकर राजद सुप्रीमो लालू यादव ने शनिवार को पार्टी की इमरजेंसी बैठक बुलाई है। यह बैठक राबड़ी आवास पर आयोजित होगी, जिसमें राजद के तमाम बड़े नेता और सहयोगी दल शामिल होंगे। बैठक में सीट बंटवारे और बाहुबली नेता सूरजभान सिंह के राजद में शामिल होने पर चर्चा होगी।
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पारस गुट को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जाएगी। वहीं, तेजस्वी यादव के दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने की चर्चा भी जोरों पर है। बताया जा रहा है कि तेजस्वी राघोपुर और फुलपरास से पर्चा भरने की योजना बना रहे हैं।
कांग्रेस ने भी बुलाई इमरजेंसी बैठक
महागठबंधन में सीट शेयरिंग के फंसे पेंच के बीच कांग्रेस ने भी इमरजेंसी बैठक बुलाई है। यह बैठक ऑनलाइन माध्यम से होगी, जिसमें दिल्ली से स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ पर्यवेक्षक शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सीट बंटवारे और उम्मीदवारों के नामों को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सूरजभान सिंह का राजद में शामिल होना
इस बीच बाहुबली नेता सूरजभान सिंह शनिवार को राजद में शामिल होंगे। वह अपनी पत्नी और भाई के साथ पार्टी की सदस्यता लेंगे। एक सप्ताह के भीतर वे तीसरे भूमिहार नेता होंगे, जो राजद में शामिल हो रहे हैं। तेजस्वी यादव स्वयं उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे।
सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को मोकामा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है। इस सीट पर राजद बाहुबली अनंत सिंह के खिलाफ विशेष रणनीति तैयार कर रहा है।
महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर सहमति?
महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर सहमति बन चुकी है और आज इसका औपचारिक ऐलान हो सकता है। शुक्रवार को राबड़ी आवास पर राजद संसदीय दल की बैठक हुई, जिसमें डेढ़ घंटे तक उम्मीदवारों के नाम पर चर्चा हुई। इस बैठक में राजद नेताओं ने लालू यादव को निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया।
बिहार की राजनीति में सीट शेयरिंग का यह मुद्दा आगामी चुनावों के लिए महागठबंधन की रणनीति को तय करेगा। सभी दल इस मामले में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में हैं।