बीजेपी नेता बॉबी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ खोला मोर्चा, अम्फान फंड घोटाले का लगाया आरोप।

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बीजेपी नेता बॉबी ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ खोला मोर्चा, अम्फान फंड घोटाले का लगाया आरोप।

कौन हैं अभिजीत दास? लालटेन-टार्च लेकर खोद रहे दीदी के भतीजे का पुराना काला इतिहास, दर्ज करा रहे FIR पर FIR

पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक नाम की चर्चा खूब हो रही है। उनका नाम है-अभिजीत दास, जिन्हें लोग प्यार से 'बॉबी' बुलाते हैं। बीजेपी के इस जुझारू नेता ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की नींद उड़ा दी है।

मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, अभिजीत दास ने अब कानूनी दांव-पेच का सहारा लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वे एक के बाद एक एफआईआर दर्ज करा रहे हैं और दीदी के भतीजे के पुराने कारनामों की फाइलें खंगालने में जुटे हैं। चलिए जानते हैं पूरी कहानी।

कौन हैं अभिजीत दास 'बॉबी'?

अभिजीत दास पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर क्षेत्र से बीजेपी के एक कद्दावर नेता और वकील हैं। वे अभिषेक बनर्जी के सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं। उन्होंने पिछले चुनावों में भी अभिषेक बनर्जी को सीधे टक्कर दी है। अभिजीत दास का अंदाज निराला है; वे सिर्फ बयानबाजी नहीं करते, बल्कि हर आरोप के साथ पुख्ता कानूनी शिकायत लेकर पुलिस थाने पहुंच जाते हैं। वे अपनी टीम के साथ टीएमसी के कथित भ्रष्टाचार के सबूत जुटाने में दिन-रात लगे रहते हैं, जिसे लोग 'लालटेन लेकर पुराना इतिहास खोजना' कह रहे हैं।

अम्फान राहत फंड का बड़ा खेल

ताजा मामला अम्फान चक्रवात के दौरान बांटे गए राहत फंड से जुड़ा है। बीजेपी नेता ने बिष्णुपुर थाने में दर्ज शिकायत में दावा किया है कि इस राहत राशि में करीब 250 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला हुआ है। उनका आरोप है कि यह पैसा आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आया था, लेकिन इसे टीएमसी नेताओं और उनके चहेतों ने बंदरबांट कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहत वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह से धांधली से भरी हुई थी, जिसका सीधा फायदा टीएमसी के रसूखदारों को मिला।

एक ही परिवार को मिला फायदा

अभिजीत दास का कहना है कि लाभार्थियों की सूची में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया है। शिकायत के मुताबिक, एक ही परिवार के कई सदस्यों को नियमों को ताक पर रखकर राहत राशि का भुगतान कर दिया गया। यह सब कुछ एक व्यवस्थित 'कट मनी' नेटवर्क के जरिए किया गया। जो लोग सच में बेघर हुए या जिनका नुकसान हुआ, वे हाथ मलते रह गए, जबकि अपात्र लोगों को मोटी रकम थमा दी गई। यह सीधा-सीधा सरकारी खजाने की लूट का मामला है।

इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए अभिजीत दास ने अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से होनी चाहिए। उनका तर्क है कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक सच बाहर नहीं आएगा। इस शिकायत के बाद बंगाल की राजनीति में खलबली मच गई है। अभिषेक बनर्जी के खिलाफ लगातार हो रही कानूनी कार्रवाई ने टीएमसी खेमे को बैकफुट पर धकेल दिया है।

इसके पहले भी दर्ज करा रखी है FIR

अभिजीत दास ने इसी महीने डायमंड हार्बर पुलिस थाने में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज कराई है। यह मामला 21 दिसंबर 2018 को उन पर हुए एक हमले से संबंधित है, जिसमें उन्होंने साजिश का आरोप लगाया है।

Navjeet Kaur

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