बस्तर तिरंगा यात्रा: नक्सलमुक्त इलाकों से बाइकर्स 3 दिन में कर्रेगुट्टा पहुंचेंगे

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बस्तर तिरंगा यात्रा: नक्सलमुक्त इलाकों से बाइकर्स 3 दिन में कर्रेगुट्टा पहुंचेंगे

बस्तर तिरंगा यात्रा: नारायणपुर से शुरू, कर्रेगुट्टा में समापन

बस्तर के नक्सलमुक्त इलाकों से तिरंगा लेकर बाइकर्स का काफिला निकला है। तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा नारायणपुर से शुरू हुई। डिप्टी सीएम विजय शर्मा बुलेट चलाकर यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं।

यात्रा मार्ग

यात्रा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर के संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरेगी। यात्रा में बुरकापाल, मिनपा-ताड़मेटला, जगरगुंडा, सिलगेर और टेकलगुड़ेम जैसे इलाके शामिल हैं। सभी बाइकर्स हिड़मा और देवा जैसे नक्सली कमांडरों के गढ़ से तिरंगा लेकर गुजर रहे हैं।

सुरक्षा जांच

सुरक्षा के लिहाज से इन इलाकों की मेटल डिटेक्टर से जांच हो रही है।

शहीदों की स्मृति

यात्रा के दौरान जहां जवान शहीद हुए, वहां से मिट्टी इकट्ठी की जा रही है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि जवानों के बलिदान को नहीं भूलेंगे और स्मारक बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के जरिए संदेश दिया जा रहा है कि बस्तर नक्सलमुक्त हो चुका है।

समापन

14 अगस्त को कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराने के साथ यात्रा का समापन होगा।

कड़ेनार में ग्रामीणों की मांग

कोंडागांव जिले के आखिरी गांव कड़ेनार में तिरंगा यात्रा पहुंची। यह इलाका दंतेवाड़ा, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों की सीमा से लगा हुआ है। यात्रा से पहले प्रशासन की टीम के पहुंचने पर ग्रामीणों ने गांव में रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि रोजगार के अभाव में गांव के लोग दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।

कोर जोन से गुजरी यात्रा

नारायणपुर से शुरू हुई तिरंगा यात्रा बारसूर के इंद्रावती सातधार पुल से गुजरी। दंतेवाड़ा के रास्ते अबूझमाड़ का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले इस इलाके को कभी नक्सलियों का कोर जोन माना जाता था। इसी इलाके से तिरंगा लेकर बाइकर्स का काफिला आगे बढ़ा।

Sharad Shrivastava