छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार का आयोजन मुख्यमंत्री निवास में
छत्तीसगढ़ के पहले लोकपर्व हरेली तिहार का आयोजन मुख्यमंत्री निवास, नवा रायपुर में किया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हल-नांगर की पूजा की। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह उपस्थित रहे।
किसानों को 35 हजार करोड़ ट्रांसफर
डॉ. रमन सिंह ने कहा कि एक साल में किसानों के खातों में 35 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसान के घर खुशहाली आने पर ही छत्तीसगढ़ का विकास होगा।
लोक संस्कृति की झलक
हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पुरानी परंपराओं की झलक देखने को मिली। आए लोगों को फरा-चिल्ला और पारंपरिक पकवान बांटे गए। परिसर को नीम व आम के पत्तों, गेंदे के फूलों और ग्रामीण सजावट से सजाया गया।
आयोजन का उद्देश्य
कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और ग्रामीण जीवन से जोड़ना है। पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए हरेली की परंपराओं को प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य सरकार लोक संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों के संरक्षण पर जोर दे रही है।
हरेली पर्व का महत्व
हरेली खेती-किसानी से जुड़ा पर्व है। इस दिन किसान अपने हल-नांगर और कृषि उपकरणों की सफाई कर पूजा करते हैं। सावन की हरियाली में यह पर्व अच्छी फसल और सुख-समृद्धि की कामना से मनाया जाता है। मुख्यमंत्री निवास में गेड़ी, पारंपरिक खेल और कृषि गतिविधियां होंगी। आयोजन स्थल में कृषि उपकरण और लोक संस्कृति के प्रतीक प्रदर्शित किए जाएंगे।
Vivek Singh