यूपी में छात्र की हत्या का आरोपी एनकाउंटर में ढेर, मां ने मांगी लाश की फोटो
बकरीद के दिन मारा था, परिवार को मुआवजा और नौकरी का ऐलान
गाजियाबाद में 11वीं के छात्र सूर्या चौहान की हत्या का मुख्य आरोपी असद (19) एनकाउंटर में मारा गया। वह शहर छोड़कर भागने की फिराक में था। रविवार तड़के 4 बजे पुलिस ने उसे घेर लिया, जिस पर उसने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में असद ढेर हो गया। पुलिस ने शनिवार को ही उसके तीन साथियों नवाब, फरहान और आतिफ को गिरफ्तार किया था।
यह हत्या बकरीद के दिन (28 मई) 17 साल के सूर्या की हुई थी। नाबालिग दोस्त के मुताबिक, असद ने सूर्या को फोन करके बुलाया और साथियों के साथ मिलकर चाकू से हमला कर दिया। हत्या से पहले असद ने सूर्या से पूछा था, "क्या कभी बकरा हलाल होते देखा है? आओ, दिखाते हैं।" इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था।
सूर्या की मां ने असद के एनकाउंटर पर संदेह जताते हुए कहा, "जब तक असद की लाश की फोटो नहीं दिखाई जाती, तब तक मैं नहीं मानूंगी कि उसका एनकाउंटर हुआ है। बाकी आरोपियों का भी एनकाउंटर होना चाहिए।"
दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण मामले ने तूल पकड़ लिया था। यूपी सरकार के मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सूर्या के परिवार से मुलाकात की और कहा कि प्रदेश में किसी भी अपराधी के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परिवार को 5 लाख रुपये की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नगरपालिका में नौकरी देने का ऐलान किया है।
पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने इस घटना को 'जिहादी मानसिकता' से प्रेरित बताया और कहा कि पुलिस ने ऐसी मानसिकता को जड़ से कुचल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसे नहीं रोका गया तो देश पाकिस्तान और लेबनान बन जाएगा। सूर्या के घर हिंदूवादी संगठनों के लोग भी पहुंचे और नारेबाजी की, जिसके चलते सूर्या के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और बाजार बंद करा दिए गए। असद का शव पोस्टमॉर्टम हाउस में रखा गया है, जबकि उसका परिवार घर छोड़कर भाग गया है।
Janmejay Chaturvedi