छिंदवाड़ा में भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे की शादी, सांसद बंटी साहू पोस्टरों से नदारद

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छिंदवाड़ा में भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे की शादी, सांसद बंटी साहू पोस्टरों से नदारद

छिंदवाड़ा में भाजपा जिलाध्यक्ष के बेटे की शादी में पोस्टर विवाद

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शेषराव यादव के पुत्र के विवाह समारोह के दौरान राजनीतिक खींचतान चर्चा का विषय बन गई। मंगलवार को हुए इस निजी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत प्रदेश भाजपा के कई दिग्गज नेता शामिल हुए।

दिग्गज नेताओं की मौजूदगी वाला निजी समारोह

विवाह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। आयोजन को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह था और स्वागत की तैयारियां शहरभर में दिखाई दीं।

स्वागत पोस्टरों से सांसद की तस्वीर गायब

नेताओं के आगमन से पहले इमलीखेड़ा हवाई पट्टी से लेकर नरसिंहपुर रोड तक जगह-जगह स्वागत पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे। इन फ्लेक्स में प्रधानमंत्री, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, मंत्रीगण और स्थानीय पार्टी कार्यकारिणी के सदस्यों की फोटो शामिल थी। हालांकि, छिंदवाड़ा सांसद विवेक ‘बंटी’ साहू की तस्वीर किसी भी पोस्टर पर नहीं दिखाई दी।

प्रोटोकॉल और गुटबाजी पर सवाल

पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि भले ही कार्यक्रम निजी था, लेकिन पोस्टरों में पार्टी के हर स्तर के नेताओं की तस्वीरें लगाई गई थीं। ऐसे में प्रोटोकॉल के अनुसार क्षेत्रीय सांसद की फोटो भी होना चाहिए थी। सांसद की फोटो नदारद रहने को लेकर पूरे शहर में चर्चा तेज हो गई और इसे संगठन के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा जाने लगा।

छिंदवाड़ा भाजपा में पुराने मतभेद

छिंदवाड़ा भाजपा में लंबे समय से दो धड़ों के बीच खींचतान की चर्चाएं चलती रही हैं। चुनाव से लेकर पद वितरण तक, कई मौकों पर मजबूत गुटों के बीच संघर्ष सामने आने की बात कही जाती रही है। विवाह समारोह के पोस्टरों से सांसद की फोटो गायब होने की घटना को भी इसी आंतरिक खींचतान की एक और कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

समर्थकों पर फ्लेक्स लगाने का दावा

भाजपा के सूत्रों के अनुसार ये फ्लेक्स जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने स्वयं नहीं लगवाए थे, बल्कि उनके समर्थकों ने अपने स्तर पर तैयार करवा कर लगवाए थे। सूत्रों का कहना है कि फोटो चयन में चूक हो सकती है या यह स्थानीय स्तर पर लिया गया निर्णय भी हो सकता है।

कार्यक्रम को लेकर व्यापक तैयारियां

आयोजन के मद्देनज़र कार्यकर्ताओं ने स्वागत के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। शहर के प्रमुख मार्गों पर लगाए गए इन पोस्टरों का मकसद वरिष्ठ नेताओं का स्वागत करना था, लेकिन सांसद की अनुपस्थित तस्वीर ने राजनीतिक हलकों में नया विवाद खड़ा कर दिया।

Sharad Shrivastava