छतरपुर के बागेश्वर धाम में दर्शन के दौरान लापता किशोरी का अब तक सुराग नहीं

· 1 min read
छतरपुर के  बागेश्वर धाम  में दर्शन के दौरान लापता किशोरी का अब तक सुराग नहीं

छतरपुर के बागेश्वर धाम में लापता किशोरी की तलाश जारी

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बागेश्वर धाम से डेढ़ माह पहले दर्शन के दौरान लापता हुई 14 वर्षीय किशोरी राधा पाल का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस घटना ने न केवल परिजनों को चिंता में डाल दिया है, बल्कि धार्मिक स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

धाम में दर्शन के दौरान हुई घटना

ग्राम सदना निवासी तिजवा पाल ने बताया कि उसकी बेटी राधा पाल कक्षा 9वीं की छात्रा है। वह 19 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे बागेश्वर धाम में बालाजी के दर्शन के लिए आई थी। लेकिन तभी से वह अचानक लापता हो गई। घटना के समय तिजवा पाल मजदूरी के सिलसिले में गांव से बाहर था। परिजनों ने राधा को आसपास के इलाकों में तलाशने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

गुमशुदगी की रिपोर्ट पहले ही दर्ज

परिजनों ने बागेश्वर चौकी और बमीठा थाना में राधा की गुमशुदगी की रिपोर्ट तुरंत दर्ज करवाई थी। हालांकि, डेढ़ महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस कोई ठोस जानकारी जुटाने में विफल रही है। परिजनों ने आशंका जताई है कि राधा की जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बागेश्वर धाम में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। परिजनों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि धार्मिक स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी होती, तो शायद इस घटना को रोका जा सकता था। इस घटना ने धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है।

CCTV और मोबाइल लोकेशन से जांच जारी

बमीठा थाना प्रभारी आशुतोष श्रुतिया ने बताया कि पुलिस किशोरी की तलाश लगातार कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही कोई ठोस सुराग मिलने की उम्मीद है।

परिजनों की गुहार

सोमवार को राधा के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की और पुलिस की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने बेटी की जल्द से जल्द तलाश करने की गुहार लगाई। परिजनों ने कहा कि पुलिस को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और जांच में तेजी लानी चाहिए।

निष्कर्ष

छतरपुर जिले की इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। बागेश्वर धाम जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल पर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है। परिजन और स्थानीय निवासी इस मामले में जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं।