छत्तीसगढ़ के सक्ती में पावर प्लांट हादसा, चार मजदूरों की मौत

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छत्तीसगढ़ के सक्ती  में पावर प्लांट हादसा, चार मजदूरों की मौत

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पावर प्लांट हादसा: चार मजदूरों की मौत

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित आरकेएम पावर प्लांट में एक गंभीर हादसा हो गया, जिसमें चार मजदूरों की मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा लिफ्ट गिरने के कारण हुआ, जो मजदूरों को बॉयलर मेंटेनेंस के लिए ले जा रही थी।

लिफ्ट मेंटेनेंस में लापरवाही बनी कारण

शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि प्लांट में इस्तेमाल की जा रही लिफ्ट का पिछले 12 वर्षों से मेंटेनेंस नहीं किया गया था। तकनीकी लापरवाही के कारण लिफ्ट 131 फीट की ऊंचाई से अचानक गिर गई। मजदूरों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लिफ्ट के सेफ्टी उपकरण और वायर जर्जर स्थिति में थे, जिसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन प्रबंधन ने इसे नजरअंदाज कर दिया।

मजदूरों के परिजनों का आक्रोश

घटना के बाद मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया कि 36 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद शवों का पोस्टमॉर्टम नहीं किया गया। परिजनों का कहना है कि न ही कंपनी का कोई अधिकारी सामने आया है और न ही मुआवजे को लेकर कोई घोषणा की गई है। इससे परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

प्लांट प्रबंधन पर FIR और मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला और एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर आरकेएम पावर प्लांट के डायरेक्टर और अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 289 और 3(5) के तहत दर्ज किया गया है। इसके अलावा, कलेक्टर ने दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 176(1) के तहत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।

मजिस्ट्रियल जांच की प्रक्रिया

जांच के लिए डभरा के एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्हें 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। जांच में यह देखा जाएगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है और सुरक्षा मानकों का पालन क्यों नहीं किया गया। साथ ही, औद्योगिक स्वास्थ्य और सुरक्षा विभाग द्वारा किए गए निरीक्षणों की भी समीक्षा होगी।

स्थानीय लोगों और मजदूरों की प्रतिक्रियाएं

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्लांट में पहले भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी होती रही है। छोटे-मोटे हादसे पहले भी होते रहे हैं, जिन्हें अक्सर दबा दिया जाता था। इस बार मामला बड़ा होने के कारण इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सका।

निष्कर्ष

यह हादसा सुरक्षा मानकों की अनदेखी और तकनीकी लापरवाही का गंभीर उदाहरण है। मृतकों के परिजनों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। मजिस्ट्रियल जांच की रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।