सुप्रीम कोर्ट का आदेश: बिहार के हटाए गए मतदाताओं को मिले मुफ्त कानूनी सहायता

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सुप्रीम कोर्ट  का आदेश: बिहार के हटाए गए मतदाताओं को मिले मुफ्त कानूनी सहायता

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: बिहार के हटाए गए मतदाताओं को मिले मुफ्त कानूनी सहायता

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बिहार से मतदाता सूची से हटाए गए 3.7 लाख व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि इन व्यक्तियों को पैरालीगल वॉलंटियर्स की मदद उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपने नाम हटाने के खिलाफ अपील कर सकें।

याचिकाकर्ताओं की आपत्ति

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि चुनाव आयोग द्वारा की गई स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया में मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से हटाए गए और पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए। इससे लाखों नागरिकों के मतदान अधिकार खतरे में पड़ सकते हैं।

चुनाव आयोग का पक्ष

चुनाव आयोग ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिक ही रहें। आयोग ने यह भी कहा कि हटाए गए मतदाताओं की बूथ-वार सूची प्रकाशित की जा चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हर व्यक्ति को अपील करने का अधिकार होना चाहिए और सूची से हटाए गए नामों की पारदर्शी जानकारी दी जानी चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य लीगल सर्विसेज अथॉरिटी हटाए गए व्यक्तियों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। कोर्ट ने 16 अक्टूबर को अगली सुनवाई निर्धारित की है।

इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि हर गांव में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) और पैरालीगल वॉलंटियर्स के संपर्क विवरण उपलब्ध कराए जाएं। राज्य लीगल सर्विसेज अथॉरिटी को एक हफ्ते के भीतर स्थिति रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा करने का भी निर्देश दिया गया है।