छत्तीसगढ़ में हिडमा एनकाउंटर पर उठा विवाद
18 नवंबर को छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने कुख्यात नक्सली माड़वी हिड़मा का एनकाउंटर किया। इस घटना ने राजनीतिक बहस को जन्म दिया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस एनकाउंटर पर सवाल उठाए और आदिवासी समुदाय के मुद्दों को उठाने की बात कही। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक सुधार की जरूरत पर जोर दिया।
दिग्विजय सिंह के सवाल
दिग्विजय सिंह ने आदिवासी क्षेत्रों में PESA कानून लागू करने और खनिज संपत्ति में स्थानीय आदिवासियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदाता सूची तैयार करने में आने वाली समस्याओं पर भी सवाल उठाए।
बीजेपी विधायक का पलटवार
बीजेपी विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने शहीद इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के लिए संवेदना व्यक्त नहीं की। उन्होंने दिग्विजय पर नक्सलियों और आतंकवादियों के समर्थन का आरोप लगाते हुए उनके राजनीतिक दृष्टिकोण की आलोचना की।
सोनी सोरी की प्रतिक्रिया
आदिवासी एक्टिविस्ट सोनी सोरी ने हिडमा एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए इसे हत्या करार दिया। उन्होंने पुलिस के दावों और स्थानीय आदिवासियों के अनुभवों में विरोधाभास की ओर ध्यान दिलाया। सोनी ने आदिवासी समुदाय को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने और जांच प्रक्रिया को दरकिनार करने की आलोचना की।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में हिडमा के एनकाउंटर ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गहरी बहस छेड़ दी है। यह घटना न केवल नक्सल समस्या पर बल्कि आदिवासी अधिकारों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर भी सवाल खड़े करती है।
Adarsh Chaurasiya