दिल्ली ब्लास्ट में जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा खुलासा
दिल्ली ब्लास्ट केस में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का कनेक्शन सामने आया है। जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि पाकिस्तान से जैश के हैंडलर ने बम बनाने के 40 वीडियो भेजे थे। इन वीडियो के जरिए आरोपी डॉ. मुजम्मिल विस्फोटक तैयार करता था।
टेरर मॉड्यूल में डॉक्टरों की भूमिका
जांच में पता चला कि जम्मू के शोपियां का मौलवी इरफान अहमद ने आरोपी मुजम्मिल को जैश के आतंकी से मिलवाया। इसके बाद व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल तैयार किया गया, जिसमें कई डॉक्टरों को शामिल किया गया। अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर इस मॉड्यूल का हिस्सा थे।
मुजम्मिल की गतिविधियां और गिरफ्तारी
मुजम्मिल ने आटा चक्की और मेटल पिघलाने की मशीन के जरिए विस्फोटक तैयार किए। वह यूरिया को पीसकर रिफाइन करता और केमिकल मिलाकर बम बनाता था। जांच एजेंसियों ने उसके ठिकानों से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया।
NIA की कार्रवाई
NIA ने अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा, अल फलाह यूनिवर्सिटी के 2 और डॉक्टरों से पूछताछ हुई है, जो टेरर मॉड्यूल से जुड़े हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी में जांच के लिए पंजाब पुलिस भी पहुंची है।
लेडी आतंकियों की टीम बनाने की साजिश
डॉ. शाहीन सईद ने लेडी आतंकियों की टीम बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि, वह इसमें सफल नहीं हो सकी। उसकी डायरी में लड़कियों की लिस्ट और आर्थिक मदद का विवरण मिला है।
ब्लास्ट के बाद की कार्रवाई
दिल्ली के उपराज्यपाल ने अमोनियम नाइट्रेट खरीदने और बेचने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसियां इस मामले में गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
दिल्ली ब्लास्ट ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। आतंकी मॉड्यूल का खुलासा होने से मामले की गंभीरता बढ़ गई है। जांच जारी है और संबंधित लोगों से पूछताछ हो रही है।
Navjeet Kaur