CJI पर वकील का जूता हमला: बार काउंसिल ने लिया सख्त एक्शन
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई पर जूता फेंकने की घटना ने देश में चर्चा का विषय बना दिया है। वकील राकेश किशोर ने CJI के भगवान विष्णु पर टिप्पणी से आहत होकर यह कदम उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कार्य पर अफसोस नहीं है।
वकील का बयान और कार्रवाई
राकेश किशोर का कहना है कि CJI द्वारा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी के कारण उन्होंने प्रतिक्रिया दी। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने तुरंत फैसला लेते हुए उनका लाइसेंस रद्द कर दिया और उन्हें निलंबित कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने भी इस कृत्य की कड़ी निंदा की।
परिवार की प्रतिक्रिया और संविधान पर जोर
CJI गवई की मां कमलताई गवई ने कहा कि ऐसी घटनाएं देश में अराजकता फैला सकती हैं। उन्होंने संविधान के ‘जीओ और जीने दो’ के सिद्धांत पर जोर दिया। वहीं, गवई की बहन कीर्ति गवई ने इसे देश पर कलंक बताया और कहा कि विरोध शांतिपूर्ण और संविधान के अनुसार होना चाहिए।
सोशल मीडिया और धार्मिक विवाद
16 सितंबर को खजुराहो में भगवान विष्णु की खंडित मूर्ति की बहाली के मामले में CJI की टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हुआ। CJI ने कहा था कि भक्त खुद भगवान से प्रार्थना करें। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से दिखाया गया, जिससे वकील आहत हुआ।
न्यायपालिका पर विश्वास बनाए रखने की अपील
विभिन्न नेताओं और सॉलिसिटर जनरल ने सोशल मीडिया पर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाई जाने वाली बातों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने न्यायपालिका पर विश्वास बनाए रखने और वाणी में संयम रखने की अपील की।
इस घटना ने न्याय और संविधान की गरिमा को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है। सभी को शांति और संवैधानिक तरीके से अपने मुद्दों को सुलझाने की सीख लेनी चाहिए।