भोपाल में कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस: सुशासन और समावेशी विकास पर जोर
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को जनता के साथ संवाद और रात्रि विश्राम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी ड्राइविंग सीट पर न आएं बल्कि व्यवस्थाओं का संचालन करते हुए जनता के साथ जुड़ें।
जनता से संवाद और जिम्मेदार शासन व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जनता का विश्वास शासन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने अधिकारियों को सुशासन और समावेशी विकास के लिए मिशन मोड में काम करने की सलाह दी। सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए अधिकतम प्रयास करना होगा।
विकेंद्रीकरण और पारदर्शिता पर चर्चा
दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य शासन को और अधिक सरल, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत बनाना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि फील्ड अधिकारियों को अपने काम के जरिए नवाचार करना चाहिए और समस्याओं को हल करने में दक्षता दिखानी चाहिए।
सांस्कृतिक और धार्मिक विरासतों पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने जिलों में सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने राम वनगमन पथ और कृष्ण पाथेय के निर्माण को सिंहस्थ से पहले पूरा करने की बात कही। साथ ही, उन्होंने कृषि क्लस्टर्स बनाने का सुझाव दिया जिससे प्राकृतिक खेती और पशुपालन को प्रोत्साहन मिले।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को जनता के कल्याण के लिए समर्पित रहने और शासन को अधिक संवेदनशील बनाने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने सुशासन, नवाचार और संवाद को शासन के मूल उद्देश्य बताया।