मध्य प्रदेश में 1947 तक की संपत्तियों के दस्तावेज होंगे डिजिटाइज
मध्य प्रदेश सरकार राज्य में संपत्तियों के स्वामित्व से जुड़े वर्ष 1947 तक के सभी दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने जा रही है। इससे भूमि और संपत्ति संबंधी जानकारी तक आसान पहुंच के साथ पारदर्शिता बढ़ाने का लक्ष्य है।
पंजीयन कार्यालय पासपोर्ट सेवा केंद्र की तर्ज पर विकसित होंगे
उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने घोषणा की कि प्रदेश के पंजीयन कार्यालयों को पासपोर्ट सेवा केंद्र की तरह आधुनिक और सुविधाजनक बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराना और प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है।
राजस्व बढ़ाने के लिए नई रणनीतियां
देवड़ा ने बताया कि प्रदेश में राजस्व बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश में बनी शराब को अन्य राज्यों में भेजने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने पंजीयन विभाग, आबकारी विभाग और वित्त विभाग की उपलब्धियों तथा आगामी लक्ष्यों की जानकारी साझा की।
शून्य आधारित बजट प्रक्रिया अपनाई
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त विभाग ने बजट को अधिक वास्तविक और परिणाम आधारित बनाने के लिए शून्य आधारित बजट प्रक्रिया अपनाई है। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक व्यय मद की आवश्यकता का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है।
राजस्व संग्रह के ताजा आंकड़े
देवड़ा के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को 55,634 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवंबर माह तक राज्य को कुल 34,829 करोड़ रुपये का राजस्व मिल चुका है।
डाटा एनालिटिक्स और ऑडिट से अतिरिक्त आमदनी
उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 तक डाटा एनालिटिक्स के आधार पर चिन्हित प्रकरणों में की गई एनफोर्समेंट कार्रवाई से सरकार को 967 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं, ऑडिट की कार्यवाही से 404 करोड़ रुपये का राजस्व और जुड़ा है।
नए कार्यालय भवनों का निर्माण
देवड़ा ने जानकारी दी कि बुरहानपुर, राजगढ़, खरगोन, झाबुआ, कटनी और नरसिंहपुर जिलों में पंजीयन और राजस्व से जुड़े कार्यों के लिए नए कार्यालय भवनों का निर्माण किया जा रहा है। इन भवनों के बन जाने से प्रशासनिक कामकाज में सुविधा और दक्षता बढ़ने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, संपत्ति दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन, पंजीयन कार्यालयों के आधुनिकीकरण, शून्य आधारित बजट और डाटा आधारित एनफोर्समेंट जैसे कदमों के जरिए राज्य सरकार राजस्व वृद्धि और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
Vivek Singh