सीएम मोहन यादव की नसीहत: अपराधियों में भय, आम जनता में भरोसा हो पुलिस पर

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सीएम मोहन यादव की नसीहत: अपराधियों में भय, आम जनता में भरोसा हो पुलिस पर

डीजी-आईजी कॉन्फ्रेंस में सीएम मोहन यादव की पुलिस को नसीहत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को पुलिस महानिदेशक-महानीरीक्षक सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस को नक्सलवाद के खात्मे पर बधाई दी और कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

जनता में भरोसा और अपराधियों में भय पर जोर

सीएम ने कहा कि पुलिस की छवि मददगार के रूप में होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों में पुलिस का भय होना चाहिए, लेकिन आम जनता में पुलिस के प्रति भरोसा और सुरक्षा की भावना विकसित हो। उन्होंने अफसरों से सामुदायिक पुलिसिंग बढ़ाने और जनता के बीच अपनी सकारात्मक छवि मजबूत करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता में विश्वास बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस अपने अच्छे कामों की जानकारी लोगों तक पहुंचाए, ताकि जनता का भरोसा और मजबूत हो।

सोशल मीडिया और तकनीकी दक्षता की जरूरत

डॉ. यादव ने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नकारात्मक चीजों को रोककर, सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक बातें फैलाने के लिए प्रयास किए जाएं। साथ ही उन्होंने पुलिस को तकनीकी रूप से अधिक दक्ष बनाने पर जोर दिया।

सीएम ने कहा कि सोशल मीडिया के युग में लोगों की पुलिस से तत्काल मदद की अपेक्षा बढ़ गई है। ऐसे में पुलिस को समय पर प्रतिक्रिया देने और आधुनिक तकनीक का बेहतर उपयोग करने की आवश्यकता है।

अतिक्रमण, अस्पताल गठजोड़ और दुर्घटनाएं

सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि शहरी क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने के लिए लोगों को जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने के बाद उन स्थानों पर विकास कार्य कराए जाएं।

सीएम ने 108 एंबुलेंस के ड्राइवरों और निजी अस्पतालों के बीच होने वाले कथित गठजोड़ को रोकने के लिए भी स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस ड्राइवरों की आंखों के परीक्षण के लिए विशेष शिविर लगाए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाएं कम हो सकें।

डॉ. यादव ने राहगीर योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वालों के लिए लागू इस योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने जहां शराब बंद है, वहां कानून के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

सम्मेलन में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव गृह शिवशेखर शुक्ला और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना मौजूद रहे। पुलिस मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। डॉ. मोहन यादव ने सलामी गार्ड का निरीक्षण भी किया।

सम्मेलन के अंत में मुख्यमंत्री ने पुलिस बल से अपेक्षा जताई कि वे जनता के साथ संवाद मजबूत करें, अपराध नियंत्रण के साथ सेवा-भाव को प्राथमिकता दें और आधुनिक चुनौतियों का तकनीकी समाधान खोजते हुए कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएं।

L. N. Bhargava