मुख्य सचिव ने दिए निर्देश: ड्रग्स माफिया पर हो सख्त कार्रवाई, त्योहारों पर रखें कड़ी निगरानी
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को त्योहारों के दौरान कानून और व्यवस्था की कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी एसपी 31 मार्च तक जोनल प्लान प्रस्तुत करें। मुख्य सचिव ने प्रदेश में ड्रग्स माफिया के खिलाफ सख्त अभियान चलाने, उनके नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने और अपराधियों को चिन्हित कर कार्यवाही करने पर जोर दिया। इसके साथ ही नशीले पदार्थों के विरुद्ध जन जागरूकता अभियान चलाने और एनकोर समिति की मासिक बैठकों का विवरण पोर्टल पर दर्ज कराने के भी निर्देश दिए गए।
जल संरक्षण और ग्रामीण विकास पर विशेष ध्यान
जैन ने सीएम हेल्पलाइन में 100 दिन से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा योजना के तहत जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता देने, इसे जल गंगा अभियान में शामिल करने तथा पोर्टल पर इसकी प्रगति दर्ज करने को कहा। प्रदेश में मनरेगा के तहत 2.51 लाख कार्य स्वीकृत हैं, जिनमें जल संरक्षण को प्राथमिकता देने से अभियान अधिक प्रभावी बनेगा।
मुख्य सचिव ने 31 मार्च तक एकल नल-जल योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा कर ग्राम पंचायतों को समारोहपूर्वक हैंडओवर करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी घरों में नल कनेक्शन और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा एकल नल-जल योजनाओं के स्रोतों और हैंडपंपों में रिचार्ज पिट बनाने को भी कहा।
राजस्व, कृषि और जन जागरूकता से जुड़े अन्य निर्देश
बैठक में प्राकृतिक खेती, खाद के ई-टोकन से शत-प्रतिशत वितरण, तथा पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और इस संबंध में आमजनों को लगातार जानकारी दी जाए।
कलेक्टरों को अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के अत्याचार पीड़ितों तथा पक्षकारों को मिलने वाली राहत राशि का भुगतान समय पर कराने के निर्देश भी दिए गए। राजस्व संबंधी मामलों में, नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा के प्रकरणों का समय पर निराकरण करने तथा अविवादित मामलों को समय सीमा में निपटाने की जिम्मेदारी राजस्व अधिकारियों और कलेक्टरों को दी गई। सागर, इंदौर, भोपाल और जबलपुर जिलों को राजस्व संग्रहण के तय लक्ष्य पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। स्वामित्व योजना के लंबित प्रकरणों का निराकरण एक माह में पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने किसानों को नरवाई जलाने से होने वाली हानियों और पर्यावरण पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने गेहूं उपार्जन कार्य की तैयारियों की भी समीक्षा की और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पशुपालन, मत्स्य पालन और पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
Sachin Saxena