दही-चूड़ा भोज में लौटे तेजप्रताप, लालू संग सुलह पर JJD से नई पहल

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दही-चूड़ा भोज में लौटे तेजप्रताप, लालू संग सुलह पर JJD से नई पहल

दही-चूड़ा भोज के बहाने लालू-तेजप्रताप की नजदीकियां, JJD को लेकर बड़ा दावा

आठ महीने पहले पारिवारिक और राजनीतिक विवाद के कारण अलग-थलग पड़े तेजप्रताप यादव के दही-चूड़ा भोज में उनके पिता और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पहुंचे। इसे दोनों के बीच दूरी कम होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। भोज का आयोजन तेजप्रताप ने अपने आवास पर किया था।

लालू ने नाराजगी से किया इनकार, साथ रहने का दिया संदेश

भोज में पहुंचे लालू प्रसाद यादव ने कहा कि उनकी तेजप्रताप से कोई नाराजगी नहीं है और वे परिवार के साथ ही रहेंगे। तेजप्रताप के भाजपा में जाने की अटकलों पर लालू ने स्पष्ट कहा कि बेटे को हमेशा उनका आशीर्वाद रहेगा।

आठ महीने पुराना विवाद और निष्कासन की पृष्ठभूमि

करीब आठ महीने पहले तेजप्रताप यादव की गर्लफ्रेंड के साथ तस्वीरें सामने आने के बाद लालू प्रसाद ने उन्हें घर और पार्टी से बाहर कर दिया था। 25 मई को लालू प्रसाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर तेजप्रताप को आरजेडी से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने और परिवार से भी दूर करने की घोषणा की थी।

अपने संदेश में लालू ने लिखा था कि निजी जीवन में नैतिक मूल्यों की अवहेलना सामाजिक न्याय के सामूहिक संघर्ष को कमजोर करती है। उन्होंने ज्येष्ठ पुत्र की गतिविधियों और व्यवहार को पारिवारिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए कहा था कि अब पार्टी और परिवार में उसकी कोई भूमिका नहीं रहेगी, और जो भी उससे संबंध रखेगा, वह अपने विवेक से निर्णय ले।

दही-चूड़ा भोज में नेताओं की मौजूदगी, तेजस्वी-राबड़ी नदारद

तेजप्रताप के इस भोज में बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, बड़े मामा प्रभुनाथ यादव, साधु यादव और चेतन आनंद सहित अन्य लोग पहुंचे। हालांकि, खबर लिखे जाने तक तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे। तेजप्रताप ने कहा कि वे तेजस्वी का इंतजार रात 9 बजे तक करेंगे।

JJD पर तेजप्रताप का दावा, कई राज्यों में चुनाव लड़ने की तैयारी

तेजप्रताप यादव ने दही-चूड़ा भोज के दौरान बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि तेजस्वी को राजद का विलय जनशक्ति जनता दल में कर देना चाहिए। उनके अनुसार, लालू प्रसाद की असली पार्टी जेजेडी ही है। उन्होंने दावा किया कि जनशक्ति जनता दल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी।

तेजप्रताप ने यह भी कहा कि बिहार में एमएलसी चुनाव उनकी पार्टी लड़ेगी और दिल्ली नगर निगम चुनाव में भी उनकी पार्टी मैदान में उतरेगी। उन्होंने घोषणा की कि वे जल्द ही पूरे बिहार की यात्रा पर निकलेंगे, हालांकि यात्रा की तारीख बाद में बताने की बात कही।

विजय सिन्हा के दही-चूड़ा भोज से जुड़ाव

इससे पहले बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में भी तेजप्रताप यादव शामिल हुए थे। जब विजय सिन्हा से पूछा गया कि क्या वे तेजप्रताप को एनडीए में आने का निमंत्रण देंगे, तो उन्होंने कहा कि समय आने पर सब पता चल जाएगा।

तेजप्रताप ने भी टिप्पणी की कि समय आने दीजिए, सब साफ हो जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका विजय सिन्हा से व्यक्तिगत संबंध है और उन्होंने अपने दही-चूड़ा भोज में भी उन्हें निमंत्रण दिया है।

निष्कर्ष: रिश्तों की वापसी के बीच नई राजनीतिक रेखाएं

दही-चूड़ा भोज के बहाने लालू प्रसाद और तेजप्रताप यादव के बीच सार्वजनिक रूप से नजदीकी दिखी, जिससे पारिवारिक मतभेद कम होने के संकेत मिले। हालांकि, तेजप्रताप द्वारा जनशक्ति जनता दल को आगे बढ़ाने, राजद के विलय की बात करने और अलग-अलग राज्यों में चुनाव लड़ने की घोषणाओं ने बिहार की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित टकराव की संभावना भी पैदा कर दी है।

Adarsh Chaurasiya