दिल्ली ब्लास्ट को आतंकी हमला माना, जांच तेजी से जारी
केंद्र सरकार ने दिल्ली के लाल किला इलाके में हुए कार ब्लास्ट को आतंकी घटना घोषित किया है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस हमले को 'राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा अंजाम दिया गया जघन्य कृत्य' करार दिया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्ताव पढ़ते हुए कहा कि सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है और जांच एजेंसियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
संदिग्ध कार और गिरफ्तारियां
जांच में पता चला है कि धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक से अधिक कारें थीं। एक संदिग्ध लाल रंग की फोर्ड इकोस्पोर्ट कार हरियाणा के खंदावली गांव से बरामद की गई है। यह कार डॉ. उमर उन नबी के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पुलिस ने कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया है और कार की जांच FSL और NSG टीम ने की है।
आतंकी मॉड्यूल और साजिश
सूत्रों के मुताबिक, धमाका करने वाले आतंकियों का ग्रुप फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से संचालित हो रहा था। गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने बताया कि वह दो साल से विस्फोटक जमा कर रही थी। इस मॉड्यूल में पेशेवर व्यक्तियों को शामिल किया गया था और इसका संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे संगठनों से था।
पीएम मोदी ने घायलों से मुलाकात की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने LNJP अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज का जायजा लिया। उन्होंने डॉक्टरों से बातचीत की और कहा कि साजिश को अंजाम देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
देशभर में साजिश का खुलासा
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि आतंकी देशभर में 200 बम (IEDs) से हमले की योजना बना रहे थे। उनका उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर हमला कर सांप्रदायिक तनाव फैलाना था। इनमें लाल किला, इंडिया गेट और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख स्थान शामिल थे।
जांच और कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने UAPA और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में कई डॉक्टरों और संदिग्धों की भूमिका सामने आई है। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह ने सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
Lokendra Mishra