शेख हसीना के इंटरव्यू पर बांग्लादेश की नाराजगी
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के एक इंटरव्यू ने बांग्लादेश में विवाद खड़ा कर दिया है। बुधवार को उन्होंने PTI न्यूज एजेंसी को ईमेल इंटरव्यू दिया जिसमें यूनुस सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। हसीना ने कहा कि वर्तमान यूनुस सरकार कट्टरपंथियों के सहारे चल रही है और उनकी भारत विरोधी नीति बेवकूफाना और आत्मघाती है।
भारतीय डिप्लोमैट को तलब
इंटरव्यू के कुछ ही घंटों बाद ढाका में भारतीय डिप्टी हाई कमिश्नर पवन बढे को तलब किया गया। बांग्लादेश सरकार ने शेख हसीना के बयान को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर हसीना का बयान
हसीना ने भारत को बांग्लादेश का सबसे बड़ा दोस्त बताया और कहा कि मौजूदा अंतरिम सरकार की नीतियां दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित नहीं कर सकतीं। उन्होंने यूनुस सरकार पर आरोप लगाया कि वह भारत से संबंध खराब करने और चरमपंथी ताकतों को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
पिछले साल के घटनाक्रम
2024 में छात्रों के नेतृत्व में बड़े विरोध-प्रदर्शन के चलते अवामी लीग की सरकार गिर गई थी। तख्तापलट के बाद शेख हसीना भारत आ गईं और उनकी जगह मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी। छात्रों ने जॉब में कोटा सिस्टम खत्म करने के फैसले के विरोध में प्रदर्शन किया था।
हसीना पर केस और उनकी प्रतिक्रिया
हसीना ने इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केस का सामना करने को तैयार हैं और निष्पक्ष अदालत उन्हें बरी कर देगी।
उन्होंने यूनुस को कट्टरपंथियों का समर्थक और कमजोर नेता बताया। उनका मानना है कि यूनुस सरकार ने संविधान को कमजोर किया और अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया।
Pushpendra Chaubey