दिल्ली धमाके को आतंकी घटना घोषित, जांच में NIA सक्रिय
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके को केंद्र सरकार ने आतंकी घटना घोषित किया है। बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में इस घटना को 'राष्ट्र-विरोधी ताकतों द्वारा अंजाम दिया गया जघन्य कृत्य' बताया गया। गृह मंत्रालय ने मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है।
फरीदाबाद यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टरों की गिरफ्तारी
जांच में फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी के कई डॉक्टर सामने आए हैं। इनमें डॉ. उमर, डॉ. शाहीन और डॉ. मुजम्मिल शामिल हैं। डॉ. उमर विस्फोट के मुख्य संदिग्ध बताए जा रहे हैं। पुलिस ने डॉ. उमर की मां और भाई का DNA सैंपल लिया है। साथ ही, फरीदाबाद से संदिग्ध कार बरामद की गई है।
धमाके की साजिश और सुरक्षा एजेंसियों की जांच
सूत्रों के मुताबिक, धमाके की साजिश जनवरी से की जा रही थी। आतंकियों का नेटवर्क फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी से संचालित हुआ। जांच एजेंसियों ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों में कई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। धमाके में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का इस्तेमाल होने की पुष्टि हुई है।
प्रधानमंत्री ने घायलों से की मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने LNJP अस्पताल पहुंचकर धमाके में घायल हुए लोगों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
जांच में कई एंगल और अलर्ट जारी
दिल्ली पुलिस ने जांच के तीन एंगल पर काम शुरू किया है। लाल किला क्षेत्र में रेकी, विस्फोटक की प्रकृति, और संदिग्धों के नेटवर्क की भी जांच हो रही है। NIA ने जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित की है।
आतंकी मॉड्यूल का खुलासा
जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े इस मॉड्यूल में पेशेवर लोगों को शामिल किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे देश में हाई अलर्ट जारी किया है।
Ravi Yadav