दमोह कलेक्टर कार्यालय से <गोपनीय सूचनाएं> लीक, <जासूसी> का खुलासा
मध्य प्रदेश के दमोह जिले में कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के कार्यालय से <गोपनीय जानकारी> लीक होने का मामला सामने आया है। कलेक्टर को तब शक हुआ जब <गुप्त निरीक्षण> की जानकारी कुछ ही मिनटों में संबंधित विभाग तक पहुंच गई।
कलेक्टर ने खुद किया <स्टिंग ऑपरेशन>
संदेह की पुष्टि के लिए कलेक्टर ने एक <गुप्त निरीक्षण> की योजना बनाई और <मोबाइल पर न्यूज चलाकर> आवाज तेज कर दी। इसके बाद बगल के कमरे में रखे <फोन पर वही आवाज सुनाई दी>, जिससे <गोपनीयता भंग> होने की आशंका बढ़ गई।
<कर्मचारी निलंबित>, <दो हटाए गए>
इस मामले में <सहायक ग्रेड-3 के एक कर्मचारी> सचिन खरे को तत्काल निलंबित कर दिया गया है। वहीं, <दो अन्य कर्मचारियों> अजय कुमार असाटी और जयदेव अहिरवार को हटाकर उनके मूल विभाग 'सर्व शिक्षा केंद्र' वापस भेज दिया गया है।
<जांच जारी>
कलेक्टर कार्यालय में लगे <दो टेलीफोन सेट> भी सील कर <तकनीकी जांच> के लिए भेजे गए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि <बातचीत कैसे सुनी जा रही थी> और इसमें <कौन-कौन शामिल> थे। कलेक्टर ने आशंका जताई है कि <निजी स्वार्थ> में <सूचनाएं साझा> की जा रही थीं।
Amit Pateria