दतिया विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त: देर रात आदेश जारी
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई है। गुरुवार देर रात करीब साढ़े दस बजे विधानसभा सचिवालय ने इस संबंध में आदेश जारी किया। प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे और भारती की सीट रिक्त घोषित करने का पत्र चुनाव आयोग को भेजा।
इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व विधायक पीसी शर्मा विधानसभा पहुंचे। उन्होंने प्रमुख सचिव से रात में विधानसभा खोलने का कारण पूछा। बाद में पटवारी ने आरोप लगाया कि भारती की सदस्यता खत्म करने का यह कदम भाजपा के इशारे पर उठाया गया है और यह नियमों के खिलाफ है।
27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में हुई थी सजा
राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी ठहराया गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार सुबह उन्हें 3 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, कोर्ट ने अपील के लिए 60 दिन की मोहलत देते हुए सजा निलंबित रखी है। सहआरोपी बैंक क्लर्क रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने भारती को आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर विधायक की सदस्यता स्वतः समाप्त हो जाती है।
फर्जी दस्तावेजों से निकाला गया था एफडी का ब्याज
मामला 1998 का है, जब राजेंद्र भारती की मां सावित्री श्याम ने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपए की एफडी की थी। 1998 से 2001 के बीच राजेंद्र भारती उसी बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष थे। उन्होंने क्लर्क रघुवीर प्रजापति के साथ मिलकर बैंक के रिकॉर्ड में हेरफेर किया और एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी। इसके बाद, 1999 से 2011 के बीच सालाना 13.5% की दर से ब्याज के 1,35,000 रुपए निकाले गए।
बीजेपी नेता ने किया था मामले का खुलासा
इस फर्जीवाड़े को 3 मार्च 2011 को बैंक अध्यक्ष बने भाजपा नेता पप्पू पुजारी ने उजागर किया था। सहकारिता विभाग के तत्कालीन संयुक्त पंजीयक अभय खरे ने जांच की, जिसमें एफडी पर ऑडिट आपत्ति दर्ज हुई। 2012 में भारती ने एफडी राशि मांगी, लेकिन ऑडिट आपत्ति के चलते भुगतान से इनकार कर दिया गया। इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम, राष्ट्रीय उपभोक्ता फोरम और सुप्रीम कोर्ट तक गया, जहां से भारती को कोई राहत नहीं मिली। 2015 में तत्कालीन कलेक्टर प्रकाशचंद्र जांगड़े की पहल पर आपराधिक मामला दर्ज हुआ, जो बाद में दिल्ली एमपी-एमएलए कोर्ट स्थानांतरित किया गया।
उच्च न्यायालय में अपील करेंगे भारती के परिजन
राजेंद्र भारती के बेटे अनुज भारती ने बताया कि उनके पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे और जमानत के लिए आवेदन देंगे। वरिष्ठ वकीलों के अनुसार, अगर उच्च न्यायालय से सजा पर स्थगन (स्टे) मिल जाता है, तो उनकी विधायकी बरकरार रह सकती है।
L. N. Bhargava