एक्ट्रेस ट्विशा का पति समर्थ 7 दिन की रिमांड पर: कोर्ट ने पासपोर्ट जब्त करने के दिए आदेश; मेकअप कराते आखिरी VIDEO आया
एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा केस में आरोपी पति समर्थ सिंह को शनिवार को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने समर्थ की 7 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर कर ली। वहीं, ट्विशा के परिजनों की ओर से दिए गए आवेदन पर कोर्ट ने समर्थ का पासपोर्ट जब्त करने के भी आदेश दिए।
शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे पुलिस समर्थ को जबलपुर से भोपाल लेकर पहुंची थी। उसे कटारा हिल्स थाने में रखा गया। थाने के बाहर बैरिकेडिंग कर फोर्स तैनात रही। कोर्ट में पेश करने से पहले पुलिस ने भोपाल के जेपी हॉस्पिटल में उसका मेडिकल टेस्ट भी कराया।
इधर, ट्विशा शर्मा के आखिरी मेकअप का CCTV फुटेज भी सामने आया है। इसमें वह ससुराल के पास स्थित एक ब्यूटी पार्लर में तैयार होती नजर आ रही है। वीडियो में वह सामान्य और रिलैक्स दिखाई दे रही है। पुलिस ने फुटेज जब्त कर लिया है। ब्यूटी पार्लर ट्विशा के ससुराल से करीब 100 मीटर दूर बताया गया है।
उधर, भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ट्विशा के घर के उस हिस्से की तस्वीर भी सामने आई है, जहां उसका शव मिला था। जांच में यह भी सामने आया कि ट्विशा ने 12 मई को सुबह 9:52 बजे भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस में रिजर्वेशन कराया था। वह 15 मई को अजमेर जाने वाली थी, जहां उसके भाई मेजर हर्षित शर्मा की पोस्टिंग है।
मायके पक्ष ने लगाया है हत्या का आरोप
बता दें कि ट्विशा शर्मा (31) की 12 मई को ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। वह भोपाल के कटारा हिल्स स्थित बागमुगालिया एक्सटेंशन में रहने वाली रिटायर्ड जज गिरिबाला की बहू थी। पति समर्थ सिंह वकील है।
ससुराल वालों ने फांसी लगाकर सुसाइड करने की बात कही थी, जबकि मायके पक्ष ने सास और पति पर हत्या का आरोप लगाया था। ट्विशा की वॉट्सएप चैट भी वायरल हुई है। इसमें उसने लिखा था- मुझे बहुत घुटन हो रही है मां… ये लोग न रोने देंगे, न हंसने की वजह देंगे।
आज रात पहुंचेगी AIIMS टीम, कल होगा पोस्टमॉर्टम
मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने रविवार को पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया है। कोर्ट ने AIIMS दिल्ली के निदेशक को मेडिकल बोर्ड गठित करने की अनुमति दी थी। इसके बाद AIIMS के फोरेंसिक विभाग प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता ने निदेशक की मंजूरी से चार वरिष्ठ डॉक्टरों का मेडिकल बोर्ड बनाया है, जो पोस्टमॉर्टम करेगा। टीम अत्याधुनिक उपकरणों के साथ आज शाम 6 बजे राज्य सरकार के चार्टर्ड विमान से रवाना होगी और रात तक भोपाल पहुंचने की संभावना है।
कमिश्नर बोले- पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही
मामले में शनिवार दोपहर एक बजे भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कहा- पुलिस कोर्ट से समर्थ की 7 दिन की रिमांड मांगेगी। उससे डिटेल में पूछताछ की जाएगी ताकि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा सके।
आरोपी को देर रात भोपाल लाया गया है, इसलिए अभी पूछताछ नहीं हो सकी है। रिमांड मिलने के बाद पुलिस उससे घटना वाली रात, पारिवारिक विवाद, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और फरारी के दौरान की गतिविधियों को लेकर पूछताछ करेगी।
उन्होंने कहा- पुलिस लगातार समर्थ की तलाश में थी, लेकिन इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह सीधे कोर्ट पहुंचकर सरेंडर कर देगा। फरार रहने के दौरान किन-किन लोगों ने उसकी मदद की, उसे शरण दी या बचाने की कोशिश की, इसकी भी पहचान की जाएगी। पुलिस अब इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान वह किन लोगों के संपर्क में था?
हम गिरिबाला सिंह से भी पूछताछ करेंगे। हम उनको तीन बार नोटिस दे चुके हैं। वे पूछताछ के लिए नहीं आई हैं इसीलिए उनकी अग्रिम जमानत रद्द कराने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया है।
पोस्टमॉर्टम का विषय जीएडी विभाग देख रहा
कमिश्नर ने कहा- ट्विशा के शव का सेकेंड पोस्टमॉर्टम भोपाल एम्स में ही कराया जाएगा। यह विषय जीएडी विभाग देख रहा है, पुलिस लगातार उनके संपर्क में है। मामले में जो भी वैधानिक प्रक्रिया होगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
ट्विशा के परिजन के आरोपों पर कमिश्नर ने कहा- भोपाल पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। हमने इसमें कोई कमी नहीं छोड़ी है।
कमिश्नर बोले- हाइट से जांच में कोई फर्क नहीं पड़ेगा
परिजन का आरोप है कि ट्विशा की असल हाइट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में लिखी गई हाइट में फर्क है। ट्विशा की हाइट 5.73 इंच है जबकि पीएम रिपोर्ट में 5.7 इंच लिखी गई है। इस पर पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने तर्क दिया कि इससे जांच में कोई असर नहीं पड़ता है।
समर्थ सिंह का वकालत लाइसेंस सस्पेंड
ट्विशा शर्मा का पति समर्थ सिंह शुक्रवार को जबलपुर जिला कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। यहां भोपाल पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। इस दौरान मीडिया ने उससे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन वह पूरी तरह चुप्पी साधे रहा।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने वकील समर्थ सिंह का वकालत का लाइसेंस शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने इसके आदेश दिए।
समर्थ से घटना वाले दिन की डिटेल पूछेगी पुलिस
एसीपी रजनीश कश्यप कौल के नेतृत्व में एसआईटी मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि समर्थ को भोपाल लाने के बाद उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि फरारी के दौरान वह कहां-कहां रहा और किन लोगों ने उसकी मदद की?
जांच में सहयोग करने वालों की भूमिका भी खंगाली जाएगी और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, समर्थ से घटना वाले दिन की पूरी जानकारी भी ली जाएगी, ताकि मामले की सभी कड़ियां स्पष्ट हो सकें।
फरारी के दौरान समर्थ ने बदला अपना हुलिया
पहचान छिपाने के लिए समर्थ ने फरारी के दौरान अपना हुलिया भी बदल लिया था। हमेशा क्लीन शेव रहने वाला समर्थ हल्की दाढ़ी में नजर आया। आमतौर पर फॉर्मल लुक में रहने वाला समर्थ इस बार कैजुअल जींस-शर्ट और कैप में दिखाई दिया। उसने चेहरे पर मास्क भी लगा रखा था।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का कहना है कि जब तक मामला किसी दूसरी जांच एजेंसी को ट्रांसफर नहीं किया जाता, तब तक पुलिस हर एंगल से जांच जारी रखेगी और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस पर संरक्षण देने के आरोप
ट्विशा के जीजा सौरभ शर्मा ने आरोप लगाया है कि शुरुआत से ही हम लोग कहते आ रहे हैं कि आरोपी समर्थ और उसकी मां गिरिबाला रसूखदार हैं। उन्हें भोपाल पुलिस का संरक्षण मिल रहा है। हमारे परिवार को लगातार गुमराह किया गया।
ट्विशा की मौत के बाद परिवार के बयान दर्ज किए गए, लेकिन बाद में कहा गया कि बयान सही तरीके से दर्ज नहीं हुए हैं। इसके बाद दोबारा बयान लिए गए और परिवार को घंटों थाने में बैठाकर रखा गया। यह सब मानसिक दबाव बनाने के लिए किया गया।
कोर्ट रूम में मास्क लगाकर बैठा रहा समर्थ
सौरभ ने कहा कि समर्थ की गिरफ्तारी को लेकर केवल कागजी औपचारिकताएं निभाई गईं। पुलिस ने इनाम घोषित किया, लुकआउट नोटिस भी जारी किया लेकिन आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके बावजूद समर्थ भोपाल से जबलपुर तक सड़क मार्ग से पहुंच गया। कोर्ट रूम में मास्क लगाकर बैठा रहा।
सौरभ ने दावा किया कि उनके वकील ने समर्थ को पहचान लिया, जिसके बाद वहां मौजूद कुछ वकीलों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसी के बाद उसकी गिरफ्तारी हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब भोपाल पुलिस पहले से कोर्ट में मौजूद थी, तब उन्हें आरोपी क्यों दिखाई नहीं दिया? इससे साफ है कि समर्थ का सरेंडर पूरी तरह स्क्रिप्टेड था।
सौरभ ने कटारा हिल्स थाना प्रभारी सुनील दुबे और स्टाफ पर भी बदसलूकी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि भोपाल पुलिस की छवि खराब करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
ससुराल पक्ष ने शव सौंपने की मांग की थी
जबलपुर हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान समर्थ सिंह की ओर से हिंदू रीति-रिवाजों का हवाला देते हुए ट्विशा शर्मा का शव सौंपने की मांग की गई। कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी।
कोर्ट ने भोपाल कोर्ट से जमानत आदेश की कॉपी भी तलब की है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सैनी ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराए जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
दूसरी ओर, हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को भी नोटिस जारी किया है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने उनकी अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की है।
डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली AIIMS के डायरेक्टर के नेतृत्व में टीम भोपाल AIIMS में पोस्टमॉर्टम करेगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। तब तक पुलिस को शव सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखकर जांच की सहमति दी है। 20 मई को ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा रिटायर्ड सैनिकों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने पहुंचे थे, तब मुख्यमंत्री ने जांच का आश्वासन दिया था।
गिरिबाला की जमानत के खिलाफ दो याचिका
समर्थ के वकील जयदीप कौरव ने जबलपुर में कहा- कोर्ट के सामने ट्विशा के मामले में चार केस एक साथ लगे थे। एक समर्थ की अग्रिम जमानत का आवेदन था। दूसरा ट्विशा के पिता की तरफ से दोबारा पोस्टमॉर्टम के लिए रिट याचिका थी। दो बेल कैंसिलेशन याचिका लगी थी, जो गिरिबाला की जमानत के खिलाफ थी।
उन्होंने बताया- कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी किया है। उनसे जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 25 मई को दोपहर 2:30 बजे होगी। उनको कोर्ट के सामने जवाब देना है। समर्थ की याचिका हमने वापस ले ली है।
वहीं, एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह ने कहा-हाईकोर्ट के सामने तीन प्रकार के मामले पेश किए गए। पहला मामला राज्य सरकार की ओर से दायर उस आवेदन से संबंधित था, जिसमें भोपाल जिला अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी।
सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा। मेहता ने कहा- सशर्त अग्रिम जमानत के कारण अभियोजन पक्ष को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। इससे साक्ष्यों पर असर पड़ सकता है। कोर्ट ने राज्य सरकार को संबंधित पक्षों को नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया है।
गिरिबाला घर से निकलीं, मीडिया के सवाल पर वकील नाराज, देखिए तस्वीरें…
मैट्रिमोनियल साइट से हुई थी ट्विशा और समर्थ की मुलाकात
ट्विशा और समर्थ की मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट के जरिए जनवरी 2025 में हुई थी। दोनों ने एक-दूसरे के नंबर एक्सचेंज किए। इसके बाद फोन पर बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए।
अक्टूबर 2025 में समर्थ की मां गिरिबाला सिंह भोपाल में पहली बार ट्विशा से मिलीं। इसके बाद गिरिबाला सिंह, ट्विशा के दिल्ली स्थित घर पहुंचीं और दोनों का रिश्ता तय किया गया। 9 दिसंबर 2025 को दिल्ली में दोनों का विवाह हुआ।
शादी के महज पांच महीने बाद 12 मई 2026 को ससुराल में ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सास और पति ने पुलिस को बताया कि ट्विशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
विवाह के महीने भर बाद ही होने लगे थे विवाद
शादी के महज एक महीने बाद ही ट्विशा और समर्थ के बीच विवाद शुरू हो गए थे। ट्विशा की भाभी का आरोप है कि इंटरकास्ट मैरिज होने के कारण उसे लगातार नीचा दिखाने की कोशिश की जाती थी। इसी वजह से ट्विशा कई बार अपना पक्ष मजबूती से रखती थी।
परिजन के मुताबिक, ट्विशा ससुराल में होने वाली प्रताड़ना की जानकारी कॉल और चैट के जरिए परिवार को देती रहती थी। परिवार उसका घर बचाना चाहता था, इसलिए हर बार उसे समझाइश देकर धैर्य रखने की सलाह दी जाती थी।
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एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा केस में अब तक क्या-क्या हुआ
भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले में पुलिस ने उसके पति समर्थ शर्मा को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। घटना के 10 दिन बाद भी ट्विशा के शव का न तो अंतिम संस्कार हो सका है और न ही दोबारा पोस्टमॉर्टम किया जा सका है। समर्थ के गिरफ्तार होने के बाद अब जल्द ही पुलिस कोई खुलासा कर सकती है।
Arvind Vishwakarma