एमएसपी और कर्जमाफी को लेकर किसानों ने हाईवे जाम

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एमएसपी और कर्जमाफी को लेकर किसानों ने हाईवे जाम

धार के खलघाट में किसानों का हाईवे जाम आंदोलन

मध्यप्रदेश के धार जिले के खलघाट क्षेत्र में हजारों किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए। किसानों ने नेशनल हाईवे-52 पर जाम लगाकर न्यूनतम समर्थन मूल्य और कर्जमाफी समेत अन्य मुद्दों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।

चार जिलों के किसानों की संयुक्त कार्रवाई

इस आंदोलन में मध्यप्रदेश के चार जिलों – बड़वानी, धार, खरगोन और खंडवा के किसान शामिल हैं। बड़ी संख्या में किसान सुबह से ही खलघाट के पास इकट्ठा हुए और हाईवे पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

एमएसपी और कर्जमाफी मुख्य मुद्दे

किसानों की प्रमुख मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी और कृषि ऋण की माफी है। किसानों ने आरोप लगाया कि पिछले पांच महीनों में उन्होंने कई बार लिखित आवेदन देकर अपनी समस्याओं से सरकार को अवगत कराया, परंतु न राज्य स्तर पर और न ही केंद्र स्तर पर उनकी सुनवाई हुई।

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार ने कई बड़े उद्योगपतियों के कर्ज माफ किए हैं, जबकि किसानों के अपेक्षाकृत कम कर्ज को नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका आरोप है कि यदि उद्योगपतियों का भारी-भरकम कर्ज माफ हो सकता है, तो किसानों का कर्ज क्यों नहीं।

हाईवे जाम और पुलिस के साथ तनातनी

किसानों ने जिस फोरलेन मार्ग पर आंदोलन शुरू किया, वहां शुरुआती समय में पुलिस ने केवल एक लेन से वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी। इस पर किसान नाराज हो गए और वे वाहनों के सामने आकर खड़े हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने बाद में वाहनों को वापस लौटाना शुरू कर दिया। दोपहर करीब 12 बजकर 15 मिनट पर किसानों ने हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों का सरकार को खुला संदेश

किसानों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना है कि अब उनकी बात केवल राज्य सरकार से नहीं, सीधा केंद्र सरकार से है। वे चाहते हैं कि कृषि क्षेत्र के लिए स्पष्ट और न्यायसंगत नीतियां बनाई जाएं, जिससे उन्हें फसल का उचित मूल्य और कर्ज के बोझ से राहत मिल सके।

निष्कर्ष

धार के खलघाट में हाईवे जाम करके किया जा रहा यह आंदोलन किसानों की बढ़ती नाराजगी और आर्थिक दबाव को स्पष्ट रूप से दिखाता है। एमएसपी की गारंटी और कर्जमाफी जैसे मुद्दे ग्रामीण अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़े हुए हैं, जिन पर ठोस समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है। जब तक सरकार किसानों की मांगों पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाती, इस तरह के आंदोलनों के जारी रहने की संभावना बनी रहेगी।

Ravi Yadav