एमपी हाईकोर्ट ने छात्र संघ चुनाव पर सरकार से जवाब मांगा
मध्यप्रदेश के कॉलेजों में 2017 से छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि राज्य के विश्वविद्यालय लिंगदोह समिति की सिफारिशों के बावजूद चुनाव आयोजित नहीं कर रहे हैं, जिससे छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है।
छात्र संघ शुल्क पर भी उठे सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि छात्र संघ चुनाव न होने के बावजूद छात्रों से शुल्क वसूला जा रहा है, जो पूरी तरह अवैधानिक है। इस पर हाईकोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार और राज्य के प्रमुख विश्वविद्यालयों को पक्षकार बनाते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
दो सप्ताह की मोहलत
सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए दो सप्ताह की मोहलत दी। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की पीठ ने साफ किया कि अगली सुनवाई में सरकार को इस संबंध में स्पष्ट स्थिति पेश करनी होगी।
Rakesh Agnihotri