मध्य प्रदेश में गहराया LPG संकट: मांग 70% बढ़ी, वेटिंग 4 दिन
मध्य प्रदेश में एलपीजी संकट लगातार गहराता जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ता और व्यावसायिक प्रतिष्ठान दोनों प्रभावित हो रहे हैं। होटल और रेस्टोरेंट को लगातार आठवें दिन भी कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई नहीं हुई है, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर असमंजस
हाल ही में ऑयल कंपनियों ने एक नई गाइडलाइन जारी की है, जिसमें 12 श्रेणियों को कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है। इनमें रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों को उनकी खपत की 10% आपूर्ति शामिल है। हालांकि, इस गाइडलाइन के तहत सप्लाई के विस्तृत आदेश अभी तक नहीं आए हैं, जिसके कारण आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि आदेश आने के बाद ही सप्लाई शुरू की जा सकेगी।
घरेलू सिलेंडर की मांग में भारी वृद्धि
कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत के चलते घरेलू सिलेंडर की मांग में अप्रत्याशित रूप से 70 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, उपभोक्ताओं को अब 3 से 4 दिन की लंबी वेटिंग का सामना करना पड़ रहा है। भोपाल में घरेलू-कमर्शियल मिलाकर साढ़े 5 लाख कनेक्शन हैं, जिनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू सिलेंडर कनेक्शन हैं। सात दिन पहले तक भोपाल में रोजाना औसत 8500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है। इस बढ़ी हुई मांग के कारण 5 से 6 हजार सिलेंडरों का अंतर आ गया है, और कुल पेंडिंग आंकड़ा 48 हजार तक पहुंच गया है।
फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि पिछले 2-3 दिनों में भोपाल में रोजाना 12 से 13 हजार सिलेंडर की सप्लाई की जा रही है और अगले 3 से 4 दिनों में यह बैकलॉग क्लियर करने का लक्ष्य रखा गया है। भरत और एचपी कंपनी की ऑनलाइन और इंडेन की ऑफलाइन बुकिंग की जा रही है। इंडेन के सबसे ज्यादा 65% तक कनेक्शन हैं।
होटल इंडस्ट्री पर संकट
एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि महाराष्ट्र में उपहार गृहों को 70 प्रतिशत तक सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं, और उन्होंने मध्य प्रदेश में भी ऐसे ही आदेश आने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि मंगलवार को भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। गैस के स्टॉक खत्म होने के कारण होटल और रेस्टोरेंट को इंडक्शन या डीजल भट्ठी जैसे महंगे वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं, जिससे मेन्यू में बदलाव करना पड़ रहा है। हालांकि, सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया है।
पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन
गैस किल्लत को लेकर पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शनों का दौर भी जारी है। सोमवार को भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चाय की दुकान लगाकर नाले से निकलने वाली गैस से चाय बनाने की कोशिश की। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए पोस्टर में लिखा था, "कृपया मोदी जी की सलाह मानें। रसोई गैस के पीछे न भागें, गंदे नाले की गैस का उपयोग करें।" वहीं, मंगलवार को कांग्रेस नेता रविंद्र साहू झूमरवाला ने अनोखे ढंग से रेहड़ी वालों को कोयला देकर अपना विरोध दर्ज कराया।
Amit Pateria