एम्स भोपाल के 3 प्रोजेक्ट फिर डेडलाइन पार, मरीजों को इंतजार

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एम्स भोपाल के  3 प्रोजेक्ट  फिर डेडलाइन पार,  मरीजों  को इंतजार

एम्स भोपाल के 3 प्रोजेक्ट फिर डेडलाइन पार

एम्स भोपाल, देश के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में से एक, के तीन महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बार-बार डेडलाइन पार कर रहे हैं। 157 करोड़ रुपये के इन प्रोजेक्ट्स में क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU), पीईटी सिटी स्कैन, और गामा नाइफ शामिल हैं। प्रबंधन ने अब मार्च 2026 तक इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जबकि जून 2026 से इन सुविधाओं का लाभ मरीजों को मिलने की संभावना है।

गामा नाइफ और पीईटी सिटी स्कैन का महत्व

गामा नाइफ, ब्रेन कैंसर और ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एडवांस तकनीक है। इसे 2019 में मंजूरी मिली थी, लेकिन कोरोना महामारी और अन्य कारणों से इसका काम रुका रहा। यह तकनीक पूरी तरह नॉन-इनवेसिव है और डीएनए को नष्ट करके ट्यूमर को खत्म करने में मदद करती है। वहीं, पीईटी सिटी स्कैन न्यूक्लियर इमेजिंग तकनीक है जो शरीर में सेलुलर लेवल की गतिविधियों को दिखाती है और कैंसर जैसी बीमारियों की पहचान में फायदेमंद है।

क्रिटिकल केयर यूनिट की जरूरत

क्रिटिकल केयर यूनिट में 150 गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा होगी। इसमें 24 घंटे ऑपरेशन थिएटर सक्रिय रहेंगे और एक डेडिकेटेड टीम मरीजों के इलाज पर ध्यान केंद्रित करेगी। इससे गंभीर मरीजों को बेहतर और फोकस्ड इलाज मिल सकेगा।

प्रदेश और आसपास के राज्यों को लाभ

इन सुविधाओं के शुरू होने से मध्यप्रदेश और आसपास के राज्यों के मरीजों को दिल्ली और मुंबई जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी सेंटर में इलाज का खर्च निजी अस्पतालों की तुलना में कम होगा और सही समय पर जांच से बीमारियों की गंभीरता को कम किया जा सकेगा।

Bhavanesh Soni