एनडीए में सीट शेयरिंग पर विवाद
बिहार में एनडीए गठबंधन में सीट शेयरिंग के बाद भी तनाव जारी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है। उन्होंने जदयू के लिए कुछ सीटों को फिर से वापस लेने की मांग की है। इस बीच, जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार का समर्थन किया और बोधगया और मखदुमपुर सीटों पर अपने उम्मीदवार को सिंबल देने की बात कही है।
सीटों के बंटवारे पर विरोध
कहलगांव सीट को लेकर भागलपुर के सांसद ने विरोध जताते हुए इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद भाजपा ने यह सीट जदयू के लिए छोड़ दी। इसी तरह, काराकाट सीट भी भाजपा ने जदयू के खाते में दी है। चिराग पासवान की एलजेपी (आर) से मोरवा सीट लेकर जदयू को सौंप दी गई है।
नीतीश की नाराजगी और संभावित समाधान
नीतीश कुमार ने सीएम हाउस में दो घंटों तक बैठक की और विवाद को सुलझाने के लिए भाजपा नेताओं से चर्चा की। संभावना जताई जा रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद पटना आकर इस विवाद को सुलझा सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
अन्य घटनाक्रम
जदयू विधायक गोपाल मंडल ने टिकट कटने की अफवाहों के बीच सीएम हाउस के बाहर धरना दिया। वहीं, जदयू सांसद अजय मंडल ने पार्टी के निर्णयों पर नाराजगी जताते हुए इस्तीफा दे दिया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तारापुर से चुनाव लड़ने की घोषणा की और उनके नामांकन में कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
एनडीए नेताओं का सोशल मीडिया पोस्ट
तनातनी के बीच एनडीए के बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया पर एक जैसी पोस्ट शेयर की है, जिसमें सीट शेयरिंग बातचीत को सौहार्दपूर्ण तरीके से पूरा होने की बात कही गई है। हालांकि, जदयू और हम के किसी भी नेता ने यह पोस्ट शेयर नहीं किया है।
इन सभी घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि एनडीए के अंदर सीट शेयरिंग को लेकर टकराव जारी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमित शाह पटना आकर इस मामले को कैसे सुलझाएंगे।