एथेनॉल फ्यूल विवाद पर नितिन गडकरी ने दी सफाई

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एथेनॉल फ्यूल विवाद  पर नितिन गडकरी ने दी सफाई

एथेनॉल फ्यूल विवाद पर नितिन गडकरी ने दी सफाई

हाल के दिनों में एथेनॉल ब्लेंड फ्यूल, विशेष रूप से E20 पेट्रोल, को लेकर विवाद और चर्चाएं तेज हो गई थीं। कई वाहन मालिकों ने शिकायत की थी कि इस फ्यूल के इस्तेमाल से उनके वाहनों की माइलेज और परफॉर्मेंस पर नकारात्मक असर पड़ा है।

सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का जवाब

इस मुद्दे पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सफाई दी है। उन्होंने दिल्ली में आयोजित सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के 65वें वार्षिक सम्मेलन में कहा कि एथेनॉल ब्लेंड पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए एक "पेड पॉलिटिकल कैंपेन" चलाया गया था।

गडकरी ने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल, जिसमें 20% एथेनॉल और 80% पारंपरिक फ्यूल होता है, पूरी तरह से सुरक्षित है। इस फ्यूल को नियामकों और ऑटोमोबाइल निर्माताओं दोनों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा कि ARAI और सुप्रीम कोर्ट ने भी E20 को लेकर अपनी मंजूरी दी है।

वाहन मालिकों की शिकायतें और सरकारी प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर कई वाहन मालिकों ने दावा किया कि E20 पेट्रोल के कारण उनके वाहनों की माइलेज घटी और इंजन को नुकसान पहुंचा। खासतौर पर 2023 से पहले के वाहन इस फ्यूल के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्त नहीं बताए गए। लोकल सर्किल के एक सर्वे में भी 44% लोगों ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल का समर्थन न करने की बात कही।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस पर बयान देते हुए कहा कि एथेनॉल की ऊर्जा घनत्व कम होने से माइलेज में मामूली कमी आ सकती है। यह कमी E10 के लिए डिजाइन किए गए और E20 के लिए कैलिब्रेट किए गए चार पहिया वाहनों में 1-2% और अन्य वाहनों में 3-6% तक हो सकती है।

निष्कर्ष

गडकरी ने इस विवाद को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया और भरोसा दिलाया कि एथेनॉल ब्लेंड फ्यूल सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है। आने वाले समय में इस फ्यूल के इस्तेमाल से प्रदूषण में कमी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।