गडकरी ने एमपी में हाईवे निर्माण में पेड़ों की कटाई कम करने और क्वालिटी बढ़ाने पर दिया जोर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि सड़क निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई को न्यूनतम रखा जाए और जहां अत्यंत आवश्यक हो, वहां ट्री ट्रांसप्लांट सिस्टम को अपनाया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर सहित राज्य के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सड़कें केवल आवागमन नहीं, क्षेत्रीय विकास का आधार
गडकरी ने कहा कि सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास और जनसुविधा का आधार होती हैं। इसलिए राष्ट्रीय राजमार्गों के सौंदर्यीकरण, सुरक्षा उपायों और गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुधारने के निर्देश दिए।
क्वालिटी, ट्री ट्रांसप्लांट और तकनीकी मानकों पर सख्ती
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और आधुनिक तकनीकों के जरिये ट्री ट्रांसप्लांट को बढ़ावा दिया जाए, ताकि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों साथ-साथ चल सकें। गडकरी ने कॉन्ट्रैक्टर्स से सीधे संवाद कर विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की और कहा कि सभी कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप ही किए जाएं।
टोल सड़कों पर खराब क्वालिटी पर कार्रवाई की चेतावनी
गडकरी ने पेचवर्क और रखरखाव कार्यों को उच्च स्तर का बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि टोल टैक्स वाली सड़कों की स्थिति उत्कृष्ट होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी टोल रोड पर सड़क की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती, तो संबंधित टोल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने लंबित परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने और तय समय सीमा में काम निपटाने पर बल दिया।
सीएम मोहन यादव: क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता दोनों बढ़ेंगी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दिल्ली में हुई यह समीक्षा बैठक केंद्र और राज्य सरकार के बीच संस्थागत समन्वय को और मजबूत करेगी। उनके अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अब गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित होंगी। उन्होंने बताया कि इस मंथन के दौरान लंबित और प्रगतिरत परियोजनाओं से जुड़ी भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय स्वीकृतियां, निर्माण गुणवत्ता और समयबद्धता जैसी व्यावहारिक चुनौतियों पर समन्वित निर्णय लिए गए हैं, जिससे कार्य तेजी से धरातल पर उतर सकेंगे।
आर्थिक, लॉजिस्टिक्स और रोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों के मजबूतीकरण से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, लॉजिस्टिक्स, कृषि विपणन और रोजगार सृजन को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से आम नागरिकों को परिवहन सुविधाओं में सुधार का लाभ मिलेगा।
राज्य सरकार का फोकस मजबूत सड़क नेटवर्क पर
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बैठक में बताया कि राज्य में सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का निर्माण कार्य तेज गति से प्रगति पर है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को तेज गति से प्रस्तावित करने के लिए केंद्रीय मंत्री गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया और राज्य सरकार की विकासात्मक उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
भूमि अधिग्रहण, फॉरेस्ट क्लियरेंस और सिंहस्थ-2028 की समयसीमा
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर महीने उनकी प्रगति की विस्तार से समीक्षा की जा रही है और राज्य सरकार इन परियोजनाओं के लिए हरसंभव सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि भूमि अर्जन और फॉरेस्ट क्लियरेंस जैसे कार्यों में तेजी लाई जा रही है। सिंहस्थ-2028 से जुड़ी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दिसंबर 2027 तक की समय सीमा निर्धारित की गई है और संभाग एवं जिला प्रशासन को राष्ट्रीय परियोजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क दुर्घटनाएं कम करने के प्रयास
मुख्य सचिव ने यह भी उल्लेख किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य सरकार विशेष प्रयास कर रही है। बैठक में समग्र रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता, सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
Sachin Saxena