मोहन सरकार ने ई-कैबिनेट प्रणाली की शुरुआत की
मोहन सरकार की आज होने वाली कैबिनेट बैठक पहली बार डिजिटल फार्मेट में ई-कैबिनेट के रूप में आयोजित की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य कागजरहित, सुरक्षित और गोपनीय कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है।
मंत्रियों और सचिवों को दिए गए टैबलेट
ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने के लिए प्रदेश के सभी मंत्रियों और विभागीय सचिवों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से वे कैबिनेट बैठक से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज डिजिटल रूप में देख सकेंगे।
ई-कैबिनेट एप्लीकेशन पर प्रशिक्षण और प्रजेंटेशन
बैठक के दौरान मंत्री और भारसाधक सचिवों को ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के उपयोग से संबंधित विस्तृत प्रजेंटेशन और प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी अधिकारी इस आधुनिक तकनीक का सुचारु रूप से उपयोग कर सकें।
कैबिनेट एजेंडा की डिजिटल और फिजिकल उपलब्धता
आज होने वाली कैबिनेट बैठक का एजेंडा मंत्रियों को फिजिकल और डिजिटल दोनों फार्मेट में उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद आगे की प्रक्रियाओं के लिए एजेंडा केवल डिजिटल रूप में ही भेजा जाएगा, जिससे कामकाज और भी व्यवस्थित और तेज हो सके।
कागज और समय की बचत
ई-कैबिनेट एप्लीकेशन शुरू होने से फोल्डर के भौतिक वितरण की आवश्यकता कम हो जाएगी। इससे कागज की खपत घटेगी और दस्तावेजों को पहुंचाने में लगने वाला समय भी बचेगा। इस प्रकार सरकारी कामकाज अधिक दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल हो सकेगा।
कभी भी, कहीं भी एजेंडा और निर्णयों का अवलोकन
ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के माध्यम से मंत्री अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी और कहीं से भी कैबिनेट की कार्यसूची और एजेंडा देख सकेंगे। यह प्रणाली सुरक्षित और गोपनीय होने के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी मानकों पर आधारित है।
पूर्व निर्णयों के पालन की समीक्षा
एप्लीकेशन की एक प्रमुख विशेषता यह भी है कि इसके जरिए पूर्व बैठकों में लिए गए निर्णयों के पालन से संबंधित प्रतिवेदन को भी देखा जा सकेगा। इससे निर्णयों के क्रियान्वयन पर निगरानी और समीक्षा प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
डिजिटल शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
ई-कैबिनेट की शुरुआत को शासन व्यवस्था में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गति बढ़ेगी, बल्कि पारदर्शिता और कार्यकुशलता भी बेहतर होने की उम्मीद है।
Navjeet Kaur