गुजरात में जहरीली शराब से 9 लोगों की मौत, एक युवक ब्रेन डेड
शराबबंदी वाले गुजरात में नकली शराब से अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है। शुक्रवार को सूरत में रहने वाले संजयसिंह डोडिया नामक युवक को ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। उसने 16 अगस्त की रात भावनगर में शराब पार्टी की थी।
संजयसिंह डोडिया की हालत
शराब पीने के बाद संजय उसी रात सूरत लौट आया था। सुबह तक उसकी हालत नाजुक हो गई। उसे सूरत के आईएनएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह तीन दिनों से वेंटिलेटर पर था। गुरुवार रात उसे हार्ट अटैक आया और शुक्रवार सुबह उसे ब्रेन डेड घोषित किया गया।
अस्पताल में भर्ती मरीज
भावनगर में अभी 25 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं, इनमें 5 की हालत गंभीर है।
मामले की शुरुआत
मामला 16 अगस्त की रात घोघा के खरकड़ी गांव से शुरू हुआ। एक युवक ने पुलिस में भर्ती होने की खुशी में शराब पार्टी रखी थी। शराब घनश्याम नाम के तस्कर से ली गई थी। नकली शराब विदेशी बोतलों में भरी थी। पार्टी के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। भावनगर के तीन युवकों ने घरों में उल्टी करते-करते दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का दावा है कि यही शराब कई गांवों तक पहुंची है।
गिरफ्तारियां
गुजरात पुलिस ने अब तक 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 13 भावनगर के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी रईस और जुबैर मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले हैं और गिरफ्तार हो चुके हैं। मुरैना निवासी नरेंद्र यादव उर्फ 'डॉक्टर' नकली शराब बनाने वाला था। रईस ने उसे गुजरात बुलाया था। वह गौतम सोलंकी के साथ मिलकर शराब बना रहा था।
जहरीली शराब की पेटियां
शराबकांड के तीन दिन पहले नरेंद्र और उसके साथियों ने जहरीली शराब की 25 पेटियां तैयार की थीं। नरेंद्र ने खुद भी यही शराब पी थी, जिससे उसकी मौत हुई। पुलिस की शुरुआती जांच में उज्जैन से भावनगर 28 पेटियां पहुंची थीं, जिनमें 15 बरामद हुईं और 13 पेटियां लापता हैं।
अलर्ट और जांच
करीब 1000 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है। भावनगर सिटी तहसीलदार किशन बी. चांडालिया ने बताया कि गुरुवार को 10 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी गई, जबकि 18 अन्य की जांच की गई लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया गया। प्रशासन की मेडिकल टीम प्रभावित लोगों की जानकारी जांच रही है। खून के सैंपल एफएसएल और अन्य लैब में भेजे गए हैं।
Sharad Shrivastava