भोपाल में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रारंभ, देर रात तक चलेगा सिलसिला
शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला शुरू हो गया है। सुबह से ही शहरभर से लोग छोटी गणेश प्रतिमाएं लेकर अलग-अलग विसर्जन घाटों पर पहुंच रहे हैं। दोपहर करीब 12 बजे से इक्का-दुक्की बड़ी प्रतिमाएं भी घाटों पर पहुंचना शुरू हो गई हैं। शाम होते-होते विसर्जन जुलूसों के साथ बड़ी संख्या में प्रतिमाओं के पहुंचने की संभावना है। विसर्जन का यह सिलसिला देर रात तक चलेगा।
डोल ग्यारस से ही प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो चुका है, लेकिन अनंत चतुर्दशी पर घाटों पर सबसे ज्यादा भीड़ रहने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। लोगों को पानी में उतरने की अनुमति नहीं होगी। क्रेन और पोकलेन की मदद से प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जाएगा। इसके लिए 13 क्रेन और 12 पोकलेन तैनात की गई हैं।
मूर्ति संग्रहण स्टॉल और सामूहिक विसर्जन
नगर निगम शहर में दो दर्जन से ज्यादा स्थानों पर मूर्ति संग्रहण स्टॉल लगाएगा। लालघाटी चौराहा, गांधी नगर, करोंद चौराहा, कोलार, रायसेन रोड, अवधपुरी समेत पुराने शहर के विभिन्न इलाकों में स्टॉल बनाए जा रहे हैं। लोग पूजा के बाद प्रतिमाएं यहां जमा कर सकेंगे। निगम इन मूर्तियों का सामूहिक रूप से विसर्जन करेगा। कई स्थानों पर स्टॉल तैयार किए जा चुके हैं।
प्रमुख घाटों पर विशेष निगरानी और प्रकाश व्यवस्था
खटलापुरा, प्रेमपुरा, संत हिरदाराम नगर-बैरागढ़, हथाईखेड़ा डैम, शाहपुरा और आर्च ब्रिज समेत प्रमुख विसर्जन घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहेंगे। पुलिस कंट्रोल रूम से भी इन स्थानों की निगरानी की जाएगी। इन घाटों पर डोल ग्यारस से अब तक दो दिनों में डेढ़ हजार से ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन हो चुका है।
नगर निगम के अनुसार प्रेमपुरा, रानी कमलापति, शाहपुरा, खटलापुरा, हथाईखेड़ा, मालीखेड़ी और बैरागढ़ विसर्जन घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था के लिए 1090 एलईडी फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। वहीं चल समारोह के मार्गों पर 575 अतिरिक्त फ्लड लाइट्स लगाई गई हैं। इससे रात में निकलने वाले विसर्जन जुलूसों और घाटों पर भी पर्याप्त रोशनी रहेगी।
Vivek Singh