हाई कोर्ट का पेड़ों की कटाई पर सख्त निर्देश

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हाई कोर्ट  का पेड़ों की कटाई पर  सख्त निर्देश

हाई कोर्ट का पेड़ों की कटाई पर सख्त निर्देश

मध्य प्रदेश में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई पर हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए आदेश दिया है कि एनजीटी द्वारा गठित हाई-पॉवर कमेटी की अनुमति के बिना कोई भी पेड़ नहीं काटा जाएगा। भोपाल के पास भोजपुर-बैरसिया सड़क निर्माण के लिए सैकड़ों पेड़ों की कटाई बिना अनुमति के की गई थी, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की।

विधानसभा को वृक्षारोपण योजना की जानकारी देने का निर्देश

हाई कोर्ट ने विधानसभा को निर्देश दिया कि एमएलए क्वार्टर्स प्रोजेक्ट में कितने पेड़ काटे गए और कितने पेड़ काटे जाने की योजना है, इसकी जानकारी दी जाए। साथ ही पूरे प्रोजेक्ट में वृक्षारोपण की योजना स्पष्ट की जाए। कोर्ट ने सरकार को 2001 के अधिनियम के तहत प्रदेश में वृक्ष अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया।

प्रदूषित राज्यों में रहने की सलाह

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे कुछ दिन प्रदूषित राज्यों में रहने का अनुभव करें, ताकि पेड़ों की महत्ता समझ सकें। कोर्ट ने पेड़ों की कटाई को ग्रीन कवर का विनाश बताते हुए इसे विकास का नाम देने पर सवाल उठाया।

एनजीटी के आदेश और अगली सुनवाई

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश के अनुसार, राज्य सरकार को पेड़ काटने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति की अनुमति लेना अनिवार्य है। भोपाल में एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स के लिए 244 पेड़ काटने की मांग की गई थी, जिस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सात अधिकारियों को तलब किया। मामले की अगली सुनवाई 17 दिसंबर को होगी।

देश में वायु प्रदूषण के हालात

देश में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो चुकी है। 19 राज्यों में वायु गुणवत्ता मानक से अधिक प्रदूषण दर्ज किया गया है। दिल्ली सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां पीएम 2.5 का वार्षिक औसत राष्ट्रीय मानक से ढाई गुना अधिक पाया गया। पूर्वोत्तर राज्यों में भी हालात खराब होने लगे हैं।

Gulzar Ahmad