अयोध्या में भगवा ध्वजा फहराई गई, रामलला मंदिर पर ऐतिहासिक आयोजन
अयोध्या राम मंदिर में मंगलवार को एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने मंदिर के शिखर पर भगवा धर्मध्वजा फहराई। अभिजीत मुहूर्त में 161 फीट ऊंचे शिखर पर 2 किलो की केसरिया ध्वजा का ध्वजारोहण किया गया।
पीएम मोदी का भावुक संबोधन
ध्वजारोहण के दौरान पीएम मोदी भावविभोर नजर आए। उन्होंने कहा कि सदियों पुराने घाव आज भर गए हैं। उन्होंने इसे गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का प्रतीक बताया। इससे पहले उन्होंने मोहन भागवत के साथ रामदरबार में पूजा और आरती की और रामलला के दर्शन किए। पीएम ने रामलला के लिए वस्त्र और चंवर भी भेंट किए।
धर्मध्वजा के पीछे हिंदुत्व की भावना
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इसे हिंदुत्व की जीत और सनातन संस्कृति की पुनर्स्थापना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में भगवा लहराया है, जो मुगल आक्रांताओं की छाती पर गर्व का प्रतीक है।
अयोध्या में उत्सव का माहौल
इस आयोजन में देशभर के संतों और धर्मगुरुओं ने भाग लिया। शहर को 1000 क्विंटल फूलों से सजाया गया और पांच-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। पीएम मोदी ने साकेत कॉलेज से रामजन्मभूमि तक भव्य रोड शो किया, जिसमें स्कूली छात्रों और महिलाओं ने उनका स्वागत किया।
राम मंदिर आंदोलन की पूर्णता
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में जिन लोगों ने अपने प्राण अर्पण किए, उनकी आत्मा आज तृप्त हुई होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे नए युग की शुरुआत बताते हुए इसे धर्म, सत्य और राष्ट्रधर्म का प्रतीक कहा।
निष्कर्ष
अयोध्या में यह ऐतिहासिक आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। राम मंदिर पर फहराया गया भगवा ध्वज भारतीय संस्कृति और अस्मिता का प्रतीक बन गया है।
Pushpendra Chaubey