हिंद महासागर में भारत-ब्रिटेन का ऐतिहासिक नौसैनिक अभ्यास 'कोंकण' शुरू

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हिंद महासागर  में भारत-ब्रिटेन का ऐतिहासिक  नौसैनिक अभ्यास  'कोंकण' शुरू

हिंद महासागर में भारत-ब्रिटेन का ऐतिहासिक नौसैनिक अभ्यास 'कोंकण' शुरू

भारत और ब्रिटेन की नौसेनाओं ने पश्चिमी हिंद महासागर में चार दिवसीय समुद्री अभ्यास 'कोंकण' शुरू किया है। इस अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की नौसेना क्षमताओं को विकसित करना और उनका समन्वय बढ़ाना है। यह पहली बार है जब दोनों देशों के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया है।

ब्रिटिश उच्चायोग ने दी जानकारी

ब्रिटेन की कैरियर स्ट्राइक ग्रुप (सीएसजी) का नेतृत्व एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स कर रहा है। यह ब्रिटेन का सबसे बड़ा सतह पोत है, जिसका वजन 65 हजार टन है। इस अभ्यास में टाइप 45 डेस्ट्रॉयर एचएमएस डॉनटलेस, टाइप 23 फ्रिगेट एचएमएस रिचमंड, रॉयल फ्लीट असिस्टेंट जहाज और सहयोगी देशों के जहाज भी शामिल हैं। साथ ही एफ-35बी लाइटनिंग विमान, मर्लिन और वाइल्टकैट हेलिकॉप्टर भी अभ्यास का हिस्सा हैं।

भारत-ब्रिटेन रक्षा साझेदारी का हिस्सा

यह अभ्यास 2004 से हर दो साल में आयोजित किया जा रहा है। इस बार भारतीय नौसेना की ओर से कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का नेतृत्व आईएनएस विक्रांत कर रहा है। ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने कहा कि यह अभ्यास भारत और ब्रिटेन के बीच मजबूत और आधुनिक रक्षा साझेदारी को दर्शाता है।

ऑपरेशन हाईमास्ट और बहुपक्षीय सहयोग

ब्रिटेन का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप इस समय 'ऑपरेशन हाईमास्ट' नामक एक आठ महीने के बहुराष्ट्रीय मिशन पर है। इस मिशन का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर ब्रिटेन के सशस्त्र बलों की तैनाती और सहयोगी देशों के साथ जटिल अभियानों की तैयारी करना है। इस मिशन में 12 अन्य देशों के जहाज और सैनिक भी शामिल हैं।

अभ्यास का समापन और भविष्य की योजनाएं

अभ्यास समाप्त होने के बाद ब्रिटिश जहाज मुंबई और गोवा के बंदरगाहों पर पहुंचेंगे। यहां भारत-ब्रिटेन के बढ़ते सैन्य सहयोग का जश्न मनाया जाएगा। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक संबंधों और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।