शिवहर में शंकराचार्य का बड़ा बयान, AIMIM के गौ रक्षा पर समर्थन संभव

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शिवहर में शंकराचार्य  का बड़ा बयान,  AIMIM के गौ रक्षा  पर समर्थन संभव

शिवहर में शंकराचार्य का बयान: गौ रक्षा पर AIMIM का भी समर्थन संभव

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रविवार को बिहार के शिवहर में एक अहम बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी दल या संगठन गौ रक्षा की बात करेगा, वह उनके समर्थन का पात्र होगा, चाहे वह AIMIM ही क्यों न हो। यह बयान उन्होंने शिवहर नगर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दिया।

हिंदुत्व और गौ रक्षा पर उठाए सवाल

शंकराचार्य ने कहा कि हिंदुत्व और हिंदू धर्म के नाम पर वोट मांगने वाले दल गौ रक्षा के मुद्दे पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा, "जो लोग गौ माता का नाम लेकर राजनीति करते हैं, उन्हें देश को बताना चाहिए कि उन्होंने गौ सेवा के लिए असल में क्या किया है।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी निष्ठा किसी राजनीतिक दल से नहीं, बल्कि गौ माता और सनातन धर्म के प्रति है।

गौ माता भारतीय संस्कृति का आधार

शंकराचार्य ने गौ माता को भारतीय संस्कृति, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा, "गौ माता किसी विशेष जाति, पंथ या पार्टी से संबंधित नहीं हैं। उनकी रक्षा का दायित्व पूरे राष्ट्र का है।"

उन्होंने कहा कि जो भी गौ रक्षा की बात करेगा, वह उनका साथी होगा। वह किसी राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, मगर गौ माता के प्रति समर्पण को प्राथमिकता देते हैं।

शिवहर नगर परिषद के निर्णय की सराहना

इस दौरान उन्होंने शिवहर नगर परिषद के उस निर्णय की सराहना की जिसमें गौ माता को "नगर माता" का दर्जा देने की घोषणा की गई। यह घोषणा नगर परिषद के सभापति राजन नंदन सिंह और पार्षदों ने ध्वनि मत से की थी।

शंकराचार्य ने कहा, "शिवहर नगर परिषद ने जो कदम उठाया है, वह देशभर के नगर निकायों के लिए प्रेरणास्रोत है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि गौ रक्षा केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि कर्म से होनी चाहिए।"

निष्कर्ष

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का यह बयान गौ रक्षा के मुद्दे पर राजनीतिक दलों को आत्ममंथन का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि गौ रक्षा के प्रति समर्पण ही असली पहचान है, और राजनीति से ऊपर उठकर इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।