IAS अफसर संतोष वर्मा के विवादित बयान पर बवाल
भोपाल में अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन के दौरान नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष और IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने विवादित बयान दिया। वर्मा ने कहा कि जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान में नहीं देता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए। इस बयान का वीडियो सामने आते ही विवाद शुरू हो गया।
ब्राह्मण समाज और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने इस बयान को अपमानजनक और अमर्यादित बताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्र ने इसे ब्राह्मण सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया। मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने IAS आचरण नियमों के तहत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि शादी एक निजी निर्णय है और इसे आरक्षण से जोड़ना अनुचित है।
संतोष वर्मा पर पहले भी लगे आरोप
संतोष वर्मा का नाम विवादों से पहले भी जुड़ चुका है। उन पर कोर्ट के फर्जी आदेश बनाने और शादी का झांसा देकर मारपीट करने के आरोप लगे थे। फर्जी आदेश के मामले में वर्मा की गिरफ्तारी 11 जुलाई 2021 को हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था।
समाज में बढ़ती असहमति
वरिष्ठ अधिकारियों और संगठनों ने वर्मा के बयान की निंदा की है और संगठन के सदस्यों से इस पर विचार करने की अपील की है। नायक ने कहा कि ऐसे बयान समाज में वर्गों के बीच खाई को और गहरा कर सकते हैं।
Arvind Vishwakarma