दिग्विजय सिंह ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल बांधों पर जताई आपत्ति
मध्यप्रदेश और राजस्थान की बहुप्रतीक्षित नदी जोड़ो परियोजना पार्वती-कालीसिंध-चंबल रिवर लिंक प्रोजेक्ट में प्रस्तावित बांधों पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गंभीर आपत्ति जताई है।
बड़े बांधों के स्थान पर छोटे बांध बनाने की मांग
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर सुझाव दिया कि बड़े बांधों की जगह छोटे बांध बनाए जाएं, ताकि पर्यावरण और मानव जीवन पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को रोका जा सके। उन्होंने चांचौड़ा और कुंभराज क्षेत्र में घाटाखेड़ी के पास प्रस्तावित बड़े बांध के कारण लगभग 10,000 हेक्टेयर उपजाऊ कृषि भूमि और कई गांवों के डूबने का खतरा बताया।
पर्यावरण और तकनीकी मुद्दों पर सवाल
उन्होंने कहा कि कृषि भूमि पहले ही औद्योगीकरण और शहरीकरण के कारण घट रही है, और ऐसे में हजारों किसानों की उपजाऊ जमीन को डुबोना उन्हें आत्महत्या की ओर धकेलने जैसा होगा। दिग्विजय ने परियोजना के प्रारंभिक प्रतिवेदन (PFR), विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) एवं पर्यावरण स्वीकृति (EC) पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जल संसाधन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
दिग्विजय सिंह ने जल संसाधन विभाग द्वारा केंद्रीय जल आयोग (CWC) और पर्यावरण मंत्रालय (MoEF) से मंजूरी लिए बिना परियोजनाएं शुरू करने की अनुचित परंपरा पर भी सवाल उठाया। उन्होंने नियमों का पालन करते हुए परियोजना क्रियान्वयन की मांग की।
Sharad Shrivastava