IAS संतोष वर्मा के प्रमोशन और बयान पर विवाद
मध्य प्रदेश के कृषि विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी और अजाक्स के प्रांताध्यक्ष IAS संतोष वर्मा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सांसद जनार्दन मिश्रा और करणी सेना के अध्यक्ष ने उनके प्रमोशन और बयान पर सवाल उठाए हैं।
सांसद ने प्रमोशन प्रक्रिया पर सवाल उठाए
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने वर्मा के प्रमोशन को नियमों के विपरीत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्मा का चयन अनुसूचित जाति की जगह अनुसूचित जनजाति वर्ग में किया गया और अदालत ने इसे गलत ठहराया था। सांसद ने वर्मा को पद और वेतन लाभ से वंचित करने की मांग की है।
विवादित बयान और सरकार की कार्रवाई
IAS संतोष वर्मा ने भोपाल में अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन में विवादित बयान दिया था। बयान पर हंगामे के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इसे असंवेदनशील बताया। मध्य प्रदेश सरकार ने वर्मा को नोटिस जारी कर 7 दिन में जवाब मांगा है। जवाब न मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
करणी सेना और अन्य विवाद
करणी सेना के अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करते हुए वर्मा के खिलाफ आक्रोश जताया। वर्मा ने अपने बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाते हुए माफी मांगी है।
सरकार का रुख
IAS संतोष वर्मा के बयान को अखिल भारतीय सेवाएं आचरण नियमों का उल्लंघन माना गया है। सरकार ने इसे अनुशासनहीनता और गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखा है। मामले पर वर्मा का जवाब आने का इंतजार किया जा रहा है।
Faraz Khan