ईडी ने एफसीआई क्लर्क किशोर मीणा की चार करोड़ से अधिक संपत्ति जब्त की
भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) भोपाल के सहायक ग्रेड-1 कर्मचारी किशोर मीणा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत कार्रवाई की है। ईडी ने 3 मार्च 2025 को विशेष पीएमएलए कोर्ट, भोपाल में मीणा के विरुद्ध अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी और की गई जांच के आधार पर आगे बढ़ाई गई।
सीबीआई की जांच और ईडी की कार्रवाई
किशोर मीणा उस समय एफसीआई के भोपाल संभागीय कार्यालय में सहायक ग्रेड-1 और डिविजनल ऑफिसर के रूप में पदस्थ थे। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लगभग 4.05 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति जुटाने का आरोप है। ईडी की जांच में यह सामने आया कि मीणा ने कथित अवैध आय में से 95 लाख रुपए एक बिल्डर को 24 प्रतिशत सालाना ब्याज पर उधार दिए थे।
बाद में बिल्डर ने इस रकम में से 27.50 लाख रुपए सीबीआई के पास जमा कराए, जबकि शेष 67.50 लाख रुपए किशोर मीणा के एचडीएफसी बैंक खाते में जमा किए गए। इस राशि पर कार्रवाई करते हुए ईडी ने 7 फरवरी 2024 को संबंधित बैंक खाते पर लियन लगा दिया और धनराशि को जब्ती की प्रक्रिया के तहत चिह्नित कर दिया।
विशेष सीबीआई कोर्ट का फैसला और संपत्ति जब्ती
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 23 अक्टूबर 2024 को विशेष सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए किशोर मीणा को लोक सेवक रहते हुए अनुपातहीन संपत्ति अर्जित करने का दोषी पाया। अदालत ने उनकी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश के तहत 3,29,49,140 रुपए, जो सीबीआई ने किशोर मीणा की व्यक्तिगत संपत्तियों से जब्त किए थे, को ईडी ने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही बिल्डर द्वारा जमा कराए गए 27.50 लाख रुपए और एचडीएफसी बैंक खाते में जमा 67.50 लाख रुपए भी जब्ती की कार्रवाई में शामिल किए गए। कुल मिलाकर चार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति को प्राधिकरणों ने जब्त किया है।
शिकायत, छापेमारी और बरामद संपत्ति
इस मामले की शुरुआत मई 2021 में हुई थी, जब सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा, भोपाल को 27 मई 2021 को संदीप कपूर सिक्योरिटीज के फील्ड मैनेजर शिवदयाल द्विवेदी से शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एफसीआई के भोपाल संभागीय कार्यालय के अधिकारी लंबित बिलों के भुगतान को मंजूरी देने के लिए अवैध रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
शिकायत के बाद सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए किशोर मीणा के ठिकानों पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान मीणा के पास से 60,840 रुपए की नकदी बरामद हुई। उनके घर की तलाशी में लगभग 3 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी, 387 ग्राम सोने के आभूषण, 670 ग्राम चांदी के आभूषण और चल-अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज मिले। इन्हीं बरामदियों और वित्तीय लेन-देन की जांच के आधार पर अनुपातहीन संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को आगे बढ़ाया गया।
जांच अभी जारी
ईडी ने वर्तमान तक उपलब्ध सबूतों के आधार पर किशोर मीणा की चार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। एजेंसी की ओर से बताया गया है कि मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति के स्रोतों की पूर्ण जांच अभी जारी है, और आने वाले समय में प्राप्त निष्कर्षों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Lokendra Mishra