ईंधन की कोई कमी नहीं, सरकार ने कहा: थोक खरीदार खुदरा पंपों पर जाने से बढ़ी डीजल की मांग
केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और एलपीजी की आपूर्ति भी सामान्य है। हालांकि, थोक डीजल उपभोक्ताओं के खुदरा पेट्रोल पंपों की ओर बढ़ते रुख के कारण कुछ स्थानों पर ईंधन की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
थोक और खुदरा कीमतों में अंतर का असर
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि थोक और खुदरा कीमतों में लगभग 40-42 रुपये प्रति लीटर का अंतर होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इसके परिणामस्वरूप, कुछ पेट्रोल पंपों पर मांग में 20-30 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
मांग बढ़ने के मुख्य कारण
मांग बढ़ने की पहली वजह फसल कटाई का मौसम होने से डीजल की बढ़ती जरूरत है। दूसरी वजह यह है कि थोक उपभोक्ता खुदरा पेट्रोल पंपों से डीजल खरीद रहे हैं। इससे कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कमी जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंप मुख्य रूप से कारों और दोपहिया वाहनों के लिए ईंधन प्रदान करते हैं।
पेट्रोल पंपों पर ईंधन लागत से नीचे बेचा जा रहा है, जबकि थोक आपूर्ति सामान्यतः बाजार मूल्य पर होती है। सरकारी बसों और पावर जेनरेटर चलाने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं जैसे थोक खरीदारों को थोक आपूर्ति बिंदुओं से ईंधन खरीदना चाहिए।
नागरिकों से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील
शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी न करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है और रिफाइनरियां घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। रिफाइनरियां प्रतिदिन 46,000-47,000 टन एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं।
पश्चिम एशिया में भारतीय समुद्री नाविक सुरक्षित
बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीय समुद्री नाविक सुरक्षित हैं। क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच सरकार ने 3300 से अधिक भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की है। पिछले 72 घंटों में ही 99 लोग वापस आए हैं। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान में होर्मुज स्ट्रेट में 13 भारतीय झंडे वाले जहाज और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज अभी भी मौजूद हैं।
Pushpendra Chaubey